फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल से महिलाओं को हुई परेशानी

Wed, 09 Aug 2023 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
फोटो 12. लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर धरना देती आशा कार्यकर्ता। संवाद
विज्ञापन
सोनीपत। आशा कार्यकर्ता मांगों को लेकर मंगलवार से तीन दिन की हड़ताल पर हैं। आशा वर्कर यूनियन के आह्वान पर जिले की 1267 कार्यकर्ता हड़ताल पर रहीं। इसके चलते गर्भवती को एएनसी व अन्य जांच कराने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल के चलते लघु सचिवालय में धरना दिया। सरकार से कहा कि 10 अगस्त तक उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
विज्ञापन

जिला प्रधान अनीता ने कहा कि सरकार ने पांच वर्ष से आशा कार्यकर्ता के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। कोरोना महामारी के समय आशा कार्यकर्ताओं ने फ्रंटलाइन के रूप में काम किया। उसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों का समाधान करने की बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला सचिव पूनम ने कहा कि 27 दिसंबर 2022 को उनको आश्वासन दिया गया था कि विधानसभा सत्र समाप्त होते ही स्वास्थ्य मंत्री और उच्च अधिकारियों के साथ उनकी बैठक करवाई जाएगी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बावजूद न तो बैठक हुई और न ही उनकी मांगें पूरी हुईं। जिला सह सचिव छवि ने बताया कि सरकार की ओर से उन पर बढ़ाए गए दबाव की वजह से आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
जिला उपाध्यक्ष सविता ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनके मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। 26 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय किया जाएा। उन्हें पक्का कर्मचारी बनाया जाए। उनके मानदेय में प्रोत्साहन राशि को महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाए। ईएसआई, पीएफ और सेवानिवृत्त लाभ समेत सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाए। अनुभव और योग्यता के आधार पर उनकी पदोन्नति की जाए समेत अन्य मांगों को पूरा किया जाए। इस दौरान किसान सभा के वरिष्ठ नेता कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी, सीआईटीयू के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ से शीलकराम मलिक, पम्मी, सुदेश, अनिता, कमलेश, प्रमिला, नीना, सुनीता, सुमन, राजबाला, निशा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन

आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के नाम ज्ञापन दिया था। आशा कार्यकर्ताओं ने काम बंद करके हड़ताल शुरू कर दी है। आशा कार्यकर्ता की जाे मांगे हैं, उन पर फैसला सरकार को लेना है। सरकार के आदेश के बाद उन्हें तुरंत लागू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन

फोटो 12. लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर धरना देती आशा कार्यकर्ता। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें