फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: ठगी के मामलों में लगातार नाइजीरिया से जुड़ रहे तार

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। बहालगढ़ रोड पर महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित ट्रांसफार्मर निर्माता फैक्टरी के खातों से 1.89 करोड़ रुपये उड़ाने के मामले के तार नाइजीरिया से जुड़े होने के बाद साइबर टीम ने जांच तेज कर दी है।
विज्ञापन

सोनीपत की साइबर टीम इससे पहले भी नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने के मामले की जांच करते हुए नाइजीरिया से जुडे ठगी के गैंग को पकड़ चुकी है। इतना ही नहीं टीम ने उसे मामले में तो सात नाइजीरियाई नागरिक भी दबोचे थे। वह भारत में रहकर ठगी का बड़ा गैंग चला रहे थे। उनके पकड़े जाने से 500 से अधिक मामलों से पर्दा उठा था। अब ट्रांसफार्मर कंपनी से हुई साइबर ठगी में भी नाइजीरिया में बैठे गैंग लीडर की भूमिका मिली है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ा दिया है।
साइबर थाना प्रभारी राजीव सिंह की टीम ने बहालगढ़ रोड स्थित ईसीई ट्रांसफार्मर कंपनी की ई-मेल व इंटनेट बैकिंग खाते को हैक करने का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को दबोचा था। उनसे पूछताछ में सामने आया है कि वह नाइजीरिया में बैठकर साइबर ठगी का गैंग चला रहे डेन स्मिथ व उसके दो अन्य साथियों के निर्देश पर काम करते हैं। ठगी का मामला नाइजीरिया से जुड़ने के बाद साइबर टीम चौकस हो गई है। सोनीपत साइबर टीम ठगी के कई मामलों में नाइजीरियाई नागरिकों की भूमिका से पर्दा उठाया है। इसे पहले भी साइबर टीम ने कॉल सेंटर चलाने वाली महिला व नाइजीरिया के युवक को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया था। वह विदेश से पार्सल आने के नाम पर अपने फर्जी कागजात पर खुलवाए खातों में रुपया जमा कराते थे। साथ ही पार्सल भेजने के नाम पर ओटीपी-पासवर्ड पूछकर लोगों के खाते खाली कर देते थे। युवक साइबर ठगी गैंग का मुख्य हैंडलर था। आरोपी मूलरूप से नाइजीरिया फिलहाल बेंगलुरू में सिटी साई रतन में रह रहा था। उसकी पहचान रिचर्ड रिक किंग्स उर्फ इशाह सागिर के रूप में हुइ थी। उसकी महिला साथी की पहचान बेंगलुरू के पृपल श्यामपुर दोदामा निवासी लक्ष्मी के रूप में हुई थी। दोनों काल सेंटर चलाते थे। वह जीएसटी, इंश्योरेंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी बनकर फोन करते थे और पॉर्सल के नाम पर रुपये अपने गैंग के फर्जी कागजात पर खुलवाए गए बैंक खातों में डलवाते थे।
विज्ञापन

महिला को विदेश में नौकरी लगवाने के मामले में पकड़े गए थे नाइजीरिया के नागरिक
सोनीपत की साइबर टीम ने कुमासपुर के पास स्थित ओमेक्स सिटी की रहने वाली आकांक्षा को विदेश भेजने व नौकरी दिलाने के नाम पर 7.65 लाख रुपये की ठगी के मामले में नाइजीरिया के छह नागरिक पकड़े थे। जिसमें पता लगा था कि गैंग को नाइजीरिया में रहने वाले ओडिफ और नेडरू चला रहे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी से देश के 26 राज्यों में 500 से ज्यादा लोगों से साइबर ठगी का पता लगा था।
वर्ष 2015 से चल रहा साइबर इगी गैंग
नाइजीरियन साइबर ठगों के गैंग के पकड़े जाने पर पता लगा था कि यह गैंग वर्ष 2015 से लोगों के साथ ठगी कर रहा है। आरोपियों ने 13 राज्यों के 500 से ज्यादा लोगों से ठगी करना स्वीकार किया था। सोनीपत की साइबर टीम ने 14 नाइजीरियन आरोपियों की पहचान की थी। पुलिस मामले में नाइजीरिया के डी.मार्क ओपेरा, मैक्स उर्फ मेलेस मिचेल, नाइजीरिया फिलहाल नई दिल्ली स्थित देवली रोड जवाहर पार्क निवासी अका लेंडरी, लॉकीगोस सिटी नाइजीरिया फिलहाल महता चौक महरौली दिल्ली निवासी जॉन उर्फ वचे गिडोन, मूलरूप से मबाटिल्लो नाइजीरिया फिलहाल दिल्ली के खानपुर स्थित जवाहर कॉलोनी निवासी चुक्स एमबीए को दबोचा था। इनमें अका लेंडरी पश्चिमी अफ्रीका के आइवरी कोस्ट के पासपोर्ट पर भारत आया था। वहीं चुक्स एमबीए ने फिलहाल नागालैंड के दीपापुर में स्थाई निवास बना रखा है।
ईसीई कंपनी के खाते से नकदी उड़ाने में तीन नाइजीरियाई की संलिप्तता आई सामने
साइबर टीम ने ईसीई ट्रांसफार्मर निर्माता कंपनी के खाते से नकदी निकालने के मामले में डेन स्मिथ की पहचान के साथ ही दो अन्य नाइजीरियाई की संलिप्तता का पता लगाया है। पुलिस उनके बारे में सुबूत जुटा रही है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में भी कई लोगों की गिरफ्तारी संभव है। ट्रांसफार्मर कंपनी से साइबर ठगी का मामला ज्यादा बड़ा है।
ट्रांसफार्मर फैक्टरी के खाते से नकदी निकालने के मामले में कार्रवाई तेज
पुलिस टीम ने ट्रांसफार्मर कंपनी के खाते से नकदी निकालने के मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में अलग-अलग ग्रुप बनाकर ठगी की जाती थी। अब तक दो ग्रुप पकड़ में आए है। तीन अन्य ग्रुप के बारे में पता लगा है। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
विदेश मंत्रालय व इंटरपोल की मदद से कार्रवाई करेगी पुलिस
नाइजीरियाई ठगों पर अंकुश व उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए है। पुलिस टीम साक्ष्यों के साथ मामले की रिपोर्ट डीजीपी के माध्यम से प्रदेश के गृह मंत्रालय को भेजेगी। उसके बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से विदेश मंत्रालय को भेजकर इंटरपोल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
देश में साइबर ठगी गैंग को नाइजीरियन चला रहे हैं। सोनीपत पुलिस अलग-अलग मामलों में सात नाइजीरियन को गिरफ्तार कर चुकी है। अब उनके आकाओं तक पहुंचने की पहल शुरू हो गई है। पुलिस मामले में अन्य पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
विज्ञापन

-इंस्पेक्टर राजीव कुमार, प्रभारी, साइबर थानुा सोनीपत
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें