सोनीपत। गांव हरसाना में पंजाब के गैंगस्टर दीपक मान की हत्या के तार अब मलेशिया से भी जुड़ गए हैं। मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पंजाब के कोटकपूरा स्थित गुरु तेग बहादुर नगर निवासी गुरजंट उर्फ जंटा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इससे पहले मामले में उसका साथी जिला फरीदकोट के गांव पंजगराई निवासी बोहर सिंह को भी पकड़ा जा चुका है। इन पर हत्यारोपियों को वारदात के लिए हथियार व वाहन खरीदने को आर्थिक मदद देने का आरोप है। आरोपियों ने मलेशिया में बैठे विक्की नाम के युवक के कहने पर मोनू डागर के चचेरे भाई को रुपये दिए थे।
गांव हरसाना के खेत में बंबीहा गैंग के गैंगस्टर पंजाब के जिला फरीदकोट के जैतो मंडी स्थित आंबेडकर नगर निवासी दीपक मान की चार गोली मारकर हत्या की गई थी। 1 अक्तूबर की शाम को उसका शव खेत में मिला था। उसके एक दिन बाद ही गांव सिसाना में नारायण आश्रम के पास रजबहा की पटरी पर स्पेशल एंटी गैंगस्टर गतिविधि यूनिट प्रभारी अजय धनखड़ की टीम ने मामले में आरोपियों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। मुठभेड़ में गोली लगने से गांव गढ़ी सिसाना निवासी मंजीत उर्फ मटकन, चेतन, ओजस्व घायल हुए थे। ओजस्व मूलरूप से रोहतक के गांव बलंभा का रहने वाला और गांव गढ़ी सिसाना में अपने ननिहाल में रह रहा है। पुलिस ने उनके चौथे साथी जसबीर को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि दीपक मान की हत्या पंजाब जेल में बंद सोनीपत के गांव रेवली निवासी गैंगस्टर मोनू डागर ने कराई थी। उसकी मंजीत व ओजस्व से पहचान है। बाद में पुलिस ने मोनू को प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। उसके बाद मंदीप व विक्रम तथा बोहर सिंह को पकड़ा था। अब मामले में गुरजंट उर्फ जंटा को पकड़ लिया है। आरोपी ने एसटीएफ को बताया कि मलेशिया में बैठे विक्की नाम के युवक के कहने पर 1.40 लाख रुपये विक्रम तक पहुंचाए थे। विक्रम ने हत्यारोपियों को बाइक, हथियार व 10 हजार रुपये उपलब्ध कराए थे।
आर्थिक मदद देने वालों पर एसटीएफ का शिकंजा
एसटीएफ ने अब हिंसक घटनाओं में आरोपियों की आर्थिक मदद करने वालों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया। अब आरोपियों को वारदात के लिए रुपये व अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के आरोपी भी पुलिस की रडार पर आ गए हैं। पुलिस ने उन पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वर्जन
हत्या के आरोप में गिरफ्तार आरोपी गुरजंट उर्फ जंटा पर मलेशिया में बैठे विक्की नाम के युवक के कहने पर मोनू डागर के चचेरे भाई को रुपये दिए थे। इससे हथियार व बाइक खरीदी गई। 10 हजार रुपये भी दिए गए थे। एसटीएफ मामले में गहनता से जांच कर ठोस कार्रवाई कर रही है।
-योगेंद्र सिंह, प्रभारी, एसटीएफ थाना सोनीपत