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शराब घोटालाः बड़ा खुलासा- भूपेंद्र और जसबीर मिलकर तय करते थे किस नाके से निकालना है माल

Mon, 25 May 2020 10:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, खरखौदा(सोनीपत)
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सांकेतिक तस्वीर
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शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र और बर्खास्त किए गए तत्कालीन एसएचओ जसबीर की मिलीभगत से किए गए शराब घोटाले के आरोपी निलंबित एएसआई जयपाल ने दोनों के संबंधों के कई राज एसआईटी को बताए हैं। उसने बताया है कि वह जसबीर के कहने के अनुसार ही शराब की गड़बड़ी में संलिप्त होता था। उसे शराब चोरी, गबन व भ्रष्टाचार के मामले में रिमांड पूरा होने पर दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे गबन के अन्य मामले में खरखौदा डीएसपी ने दोबारा दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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शराब घोटाले के दौरान खरखौदा थाने में नियुक्त रहे एएसआई जयपाल का नाम दो मामलों से जुड़ा था। जिसमें शराब चोरी, गबन व भ्रष्टाचार के मामले में उसे एसआईटी सोनीपत की टीम ने गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान उसने शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र व जसबीर के संबंधों को लेकर खुलासा किया है। उसका कहना है कि वह सब कुछ तत्कालीन एसएचओ जसबीर के कहने पर ही करता था।

एसआईटी के अनुसार जयपाल ने बताया है कि जसबीर ही उसे बताता था कि किस समय किस नाके पर जाकर खड़ा होना और वहां पहुंचने वाले ट्रक को नाके से क्रास कराना है। भूपेंद्र और जसबीर ही मिलकर तय करते थे कि शराब को किस नाका से निकालना है। वह सिर्फ जसबीर के निर्देश पर काम कर रहा था। एसआईटी ने उसे रिमांड के बाद अदालत में पेश किया था। एसआईटी का कहना है कि कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जिनका जल्द खुलासा किया जाएगा।
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महंगी शराब की जगह सस्ती शराब रखवाने की थी साजिश

बताया जा रहा है कि जयपाल ने एसआईटी के सामने कहा है कि भूपेंद्र व जसबीर शराब को ठिकाने लगाने के दौरान साजिश रच रहे थे कि महंगी शराब की जगह बाद में दूसरी सस्ती शराब रख देंगे और उसे ही नष्ट कर दिया जाएगा। जिससे किसी को इसका पता नहीं लग सकेगा। भूपेंद्र शराब को कई प्रदेशों में सप्लाई करता था। एसआईटी जसबीर की गिरफ्तारी के बाद तीनों को एक साथ बैठाकर भी पूछताछ कर सकती है।

खरखौदा डीएसपी ने दो दिन के रिमांड पर लिया
जयपाल को खरखौदा थाने में दर्ज गबन के मामले में दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र ने पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस को बताया था कि मार्च में एक ट्रक व स्कार्पियो से दो हजार से ज्यादा पेटी शराब एएसआई जयपाल ने पकड़ी थी। उसमें बाद में मिलीभगत कर केवल 1100 पेटी पकड़ी दिखाई गई। उसने शराब तस्करी के इस मामले में भूपेंद्र का नाम निकाल दिया था। उसने ट्रक चालक के नाम पर ही पूरे मामले को दिखाया था।

इतना ही नहीं बाद में गोदाम में रखी शराब की 1100 पेटियों में भी से 151 पेटी दूसरे स्थान पर रखवा दी थी। जिसमें उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में डीएसपी खरखौदा हरेंद्र कुमार ने अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए उसका तीन दिन के रिमांड पर मांगा था। न्यायालय ने जयपाल का दो दिन का रिमांड मंजूर किया है। अब खरखौदा पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उस मामले से जुड़े तथ्य जुटाएगी।

उधर, बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। उसके पैतृक गांव से लेकर उसकी रिश्तेदारियों तक में पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उसकी हर छोटी से छोटी सूचना पर पुलिस तुरंत रेड कर रही है। उसके बावजूद वह हाथ नहीं लग पा रहा है।
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रविवार को भी जारी रही गोदाम में शराब की गिनती

बाईपास स्थित जिस शराब गोदाम से शराब की गड़बड़ी हुई थी वहां रखी शराब की गिनती का काम चौथे दिन रविवार को भी जारी रहा। शराब गिनती में 10 इंस्पेक्टर के साथ 50 पुलिस कर्मी लगे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि शराब की गिनती सोमवार को पूरी होने की संभावना है। एसईटी ने गोदाम में निरीक्षण के दौअरान गिनती को दोबारा कराने के निदेश दिए थे। जिसके चलते चार दिन से टीम गिनती में लगी हुई है।

शराब चोरी, गबन व भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे में आरोपी जयपाल को रिमांड पूरा होने के बाद उसे शराब गबन के मामले में खरखौदा पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी ने तत्कालीन एचएसओ जसबीर की मिलीभगत से ही शराब घोटाले में अपनी संलिप्तता बताई है। इसका कहना है कि जसबीर के कहने पर ही काम करता था। जसबीर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश देने में लगी है। उसकी गिरफ्तारी काफी महत्वपूर्ण है।
-  जितेंद्र सिंह, डीएसपी और एसआईटी प्रभारी सोनीपत।
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