सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह ने पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी ने लॉकडाउन में घर जाने की जिद कर रही पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी थी।
गांव सैदपुर निवासी रामकरण ने 7 मई, 2020 को खरखौदा पुलिस को बताया था कि उन्होंने गांव में किराये पर देने के लिए कमरे बना रखे हैं। जिसमें उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के गांव मोहनपुरा निवासी रामबीर (26) अपनी पत्नी देवसती (21) व तीन वर्षीय बच्ची रोशनी के साथ रहता है। वह सैदपुर की एक फैक्टरी में काम करता है। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन लगा हुआ था। दोनों पति-पत्नी के बीच घर जाने को लेकर विवाद था।
घटना की रात में घर जाने को लेकर हुई कहासुनी में रामबीर ने अपनी पत्नी के गले पर शेविंग ब्लेड से वार कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या करने के बाद रामबीर ने अपने गले को भी काट लिया था। मकान मालिक व पड़ोसियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रामबीर को पीजीआई, रोहतक में भर्ती करवाया था। पीजीआई से छुट्टी मिलने के बाद 15 मई, 2020 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि उनकी पत्नी घर जाने की जिद कर रही थी। जबकि उसने कहा था कि अभी लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में घर जाने का कोई साधन उपलब्ध नहीं है। इस पर वह क्लेश करने लगी थी। जिसके बाद उसने आवेश में आकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उससे वारदात में प्रयुक्त ब्लेड बरामद करने के साथ उसे अदालत में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे शैलेंद्र सिंह ने रामबीर को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।