गोहाना। बरोदा रोड स्थित गोदाम के टैंक में तीन श्रमिकों के फंसने के बाद चौथे कर्मी को रस्सी बांधकर भेजा गया था। अंदर जाते ही उसका दम घुटने लगा तो उसने तुरंत चिल्लाकर इसकी जानकारी दी और उसे बाहर खींच लिया गया और उसकी जान बच गई। टैंक के पास एकत्रित लोगों ने बताया कि श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे।
वीरवार को गोदाम में बने टैंक में बाल्टी गिरने पर उतरे अरुण, ओमपाल व सतीश कुमार अंदर की रह गए। इसपर उन्हें टैंक से निकालने को मीनाक्षी कॉलोनी के जसमीर को रस्सी बांधकर टैंक में उतरा गया था। जब वह टैंक में गया तो उसे गैस होने का आभास हो गया। वह तुरंत चिल्लाए कि उनका दम घुट रहा है। इस पर बाहर तैयार खड़े साथियों ने रस्सी खींचकर उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया।
समय पर बाहर निकालने से उनकी जान बच गई। करीब एक घंटे तक जसमीर की हालत ठीक रही, लेकिन फिर जसमीर को चक्कर आया और वह अस्पताल में ही गिर गए। जसमीर का चिकित्सक ने तुरंत इलाज शुरू किया और हालत गंभीर होने के बाद उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया, जहां उनका उपचार जारी है।