सोनीपत। गन्नौर शहर की पेयजल व्यवस्था बेहतर होगी। इसके लिए केंद्र सरकार की अमृत-2 योजना के तहत अब नई पेयजल लाइन दबाई जाएगी। साथ ही गन्नौर में 3 मिलियन लीटर रोजाना (एमएलडी) का वाटर वर्क्स बनाया जाएगा और तीन अलग-अलग स्थानों पर पानी आपूर्ति के लिए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।
वैध कॉलोनी में पानी की लाइन बिछाए जाने से शहर के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से टेंडर लगाया गया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए 23.76 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले साल काम पूरा होने के बाद शहर में पानी की आपूर्ति बेहतर की जा सकेगी।
शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए वर्षों पहले सीमेंटेड और पीवीसी पाइप दबाई गई थी। लंबा समय बीतने के चलते पाइपलाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ऐसे में शहर में कई जगहों पर दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। विभाग को उपभोक्ताओं की तरफ से लगातार शिकायत मिलती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अब विभाग की तरफ से अमृत-2 योजना के तहत नई पेयजल लाइन दबाई जाएगी। इसके बाद लीकेज की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। इसके चलते शहर में रहने वाले 47 हजार से ज्यादा लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
शहर में वर्तमान में 9 एमलडी का वाटर वर्क्स है। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से चार बूस्टरों के माध्यम से शहर में लोगों को पानी की आपूर्ति की जा रही है। इनमें एक बूस्टर जनस्वास्थ्य विभाग, दूसरा गन्नौर थाना, तीसरा गांधी नगर व चौथा गढ़ी केसरी में स्थित है। चारों बूस्टरों से शहर के कुछ हिस्सों में पेयजल या तो पहुंचता नहीं है और यदि पहुंचता है तो उसका प्रेशर कम होता है। ऐसे में पुराने वाटर वर्क्स के साथ 3 एमएलडी क्षमता के वाटर वर्क्स का निर्माण किया जाएगा। साथ ही बड़ी रोड, एसडीएम कॉम्पलेक्स और अगवानपुर रोड पर तीन छोटे बूस्टिंग स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। जहां पानी एकत्रित किया जाएगा। साथ ही पटेल नगर एक्सटेंशन, मनजीत कॉलोनी, हरिनगर कॉलोनी, बेगा रोड व वसंत विहार में पाइपलाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। शहर के अंदर करीब 55 किलोमीटर पाइपलाइन दबाई जाएगी।
वर्जन
अमृत-2 योजना के तहत गन्नौर शहर में पानी की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके लिए 23.76 करोड़ रुपये का टेंडर लगा दिया गया है। जनवरी में मुख्यालय से बजट की मंजूरी दी थी। टेंडर आवंटित होने के बाद एजेंसी को निर्माण कार्य एक साल में पूरा करना होगा। -राजीव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, सोनीपत।