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मिलावट के खिलाफ जंग : 9 माह में खाद्य पदार्थों के लिए 199 नमूने, 41 हुए फेल, 53 के खिलाफ कोर्ट में केस

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त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की खरीद संभलकर करनी चाहिए। इस समय मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ शुरू कर देते हैं। जिसे देखते हुए जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर कार्रवाई शुरू कर देता है। प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत 9 माह में खाद्य पदार्थों के 199 नमूने लिए गए हैं। जिसमें से लैब से 41 नमूने फेल होने की रिपोर्ट मिली। इस वर्ष प्रशासन की ओर से खाद्य पदार्थ बेचने वाले 53 लोगों के खिलाफ अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) की कोर्ट में केस दायर किया गया है। जिनमें से एडीसी कोर्ट में 37 व सीजेएम की कोर्ट में एक मामले को सुलझाया जा चुका है।
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मिलावटखोर त्योहार ही नहीं आम दिनों में भी मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आते। विभाग की कार्रवाई के बाद भी मिलावटखोरी बंद नहीं होती। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से विभिन्न जगहों पर छापामार कार्रवाई के बाद जनवरी से लेकर 30 सितंबर तक 199 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। अब तक प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 41 नमूने मानक के विपरीत मिले हैं। इनमें दूध और इससे निर्मित पनीर, मिठाई एवं छेना मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। व्यापारियों के खिलाफ केस दायर किया गया।
मिठाइयों से वैधता तिथि भी गायब, नहीं हो रही कार्रवाई
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्देशानुसार मिठाई विक्रेताओं को मिठाई की वैधता तिथि अंकित करना जरूरी है। अधिकतर दुकानों पर मिठाई की वैधता तिथि निर्धारित नहीं होती। ऐसे में नियमों का पालन करवाने में विभाग के अधिकारियों की अनदेखी है। दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
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1 से 10 लाख तक का जुर्माने व सजा का प्रावधान
खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के बाद 18 नमूने मिसब्रांड मिले। वहीं 21 नमूने सब स्टैंडर्ड मिले। यह नमूने मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। दो नमूने असुरक्षित मिले हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जिन व्यापारियों के नमूने फेल आते हैं, उनके खिलाफ एडीसी कोर्ट व असुरक्षित नमूनों के व्यापारियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में केस किया जाता है। व्यापारी के खिलाफ 1 से 10 लाख तक का जुर्माना व असुरक्षित होने पर सजा एवं जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। एडीसी कोर्ट में 37 व सीजेएम की कोर्ट में एक मामले को सुलझाया जा चुका है। अब तक कोर्ट की ओर करीब 9 लाख रुपये का जुर्माना किया जा चुका है।
त्योहारी सीजन में भी मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। टीमों को भेजकर लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही दुकानदारों व दुकानों पर खाद्य पदार्थ लेने आ रहे उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है। वीरेंद्र गहलावत, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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