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क्रोएशिया दौरा : वीजा बना पहलवानों की बाधा, सात जा सके विदेश

Wed, 01 Feb 2023 07:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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पहले भारतीय कुश्ती संघ दिलवाता था वीजा, विवाद के बाद पहलवान जाने के लिए तैयार हुए तो वीजा आवेदन में हुई देरी
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कुश्ती संघ व उत्कृष्ट पहलवानों का विवाद अंतरराष्ट्रीय पहलवानों के लिए बना मुसीबत
आखिरी समय में वीजा मिलने पर सात पहलवान ही जा सके, दो आज जाएंगे, तीन की मनाही
-पहलवान व प्रशिक्षक सोनीपत साई सेंटर से सोमवार रात साढ़े 10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे थे, पहले वीजा और बाद में फ्लाइट हुई लेट
-एक से पांच फरवरी तक क्रोएशिया में होगी रैंकिंग सीरीज
-अब चार पुरुष व तीन महिला पहलवान गए क्रोएशिया, ग्रीको रोमन व महिलाओं की बाकी टीम दो फ्रीस्टाइल के पहलवानों संग आज जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष के साथ कुछ पहलवानों का विवाद होने के बीच कुछ पहलवान क्रोएशिया जाने के लिए तैयार तो हो गए हैं, लेकिन उनके सामने अब वीजा बाधा बनकर खड़ा हो गया है। विवाद का असर कुश्ती रैंकिंग सीरीज में जाने के लिए तैयार पहलवानों पर पड़ रहा है। ऐसे पहलवानों को वीजा मिलने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में पहले उन्हें वीजा के लिए इंतजार करना पड़ा और बाद में उनकी फ्लाइट लेट हो गई। जिसकी वजह से मंगलवार दोपहर में सात पहलवान ही विदेश के लिए रवाना हो सके। दो पहलवान अब ग्रीको रोमन टीम के साथ जा सकेंगे। हालांकि तीन को लौटना पड़ा। ग्रीको रोमन के 11 पहलवानों में से अभी तक छह को ही वीजा मिल पाया है। ऐसे में ग्रीको रोमन की पूरी टीम के जाने पर भी संशय है।
क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में 1 से 5 फरवरी तक रैंकिंग सीरीज का आयोजन हो रहा है। जिसमें देश के उत्कृष्ट पहलवानों संग अन्य अंतरराष्ट्रीय पहलवानों का चयन किया गया था। देश से जाने वाली 55 सदस्यीय टीम में 36 पहलवान चुने गए थे, जिसमें से 30 हरियाणा से हैं। पहलवानों के दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से विवाद के चलते रैंकिंग सीरीज में देश के पहलवानों के जाने पर भी संकट गहरा गया था। हालांकि नवनियुक्त निगरानी समिति ने प्रतियोगिता के लिए पहलवानों के नाम की घोषणा करते हुए सूची जारी कर दी थी। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले उत्कृष्ट पहलवानों ने अपने नाम वापस ले लिए थे। अन्य पहलवान, प्रशिक्षक व सहयोगियों ने जाने की हामी भरी तो उनके लिए वीजा मुसीबत बन गया है।
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फ्री स्टाइल और महिला वर्ग की पहलवानों के साथ मुख्य प्रशिक्षक व अन्य सहयोगियों को मिलाकर 22 सदस्यीय दल सोमवार रात को साढ़े 10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा। उन्हें देर रात डेढ़ बजे फ्लाइट लेकर क्रोएशिया जाती, मगर वीजा नहीं मिलने पर पहलवान नहीं जा सके। देर रात तक सात पहलवानों व छह अन्य को वीजा मिला। ऐसे में मंगलवार को वह क्रोएशिया की फ्लाइट पकड़ सके। हालांकि तीन पहलवानों को घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ा।
यह प्रशिक्षक व पहलवान हो सके रवाना
क्रोएशिया के लिए फ्री स्टाइल के अमन (झज्जर), पंकज (सोनीपत), विशाल कालीरमन (हिसार) व पृथ्वीराज बाबा साहेब पाटिल( महाराष्ट्र) तथा उनके मुख्य प्रशिक्षक जगमिंदर सिंह व प्रवेश और महिला पहलवानों में भतेरी (भिवानी), राधिका (हिसार) व किरण (हिसार) के साथ मुख्य प्रशिक्षक विरेंद्र दहिया जा पाए। साथ ही फिजियो विशाल राय, एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट राजवीर सिंह भी उनके साथ गए हैं। दिल्ली से फ्री-स्टाइल के पहलवान सुजीत, विक्की व सागर को लौटना पड़ा। अगर इन्हें अब मंगलवार देर रात की फ्लाइट में ले जाया जाता तो उनके कुश्ती मुकाबले हो चुके होते। बॉक्स
ग्रीको रोमन के सभी पहलवानों को भी नहीं मिला वीजा
ग्रीको रोमन के सभी पहलवानों को भी अभी तक वीजा नहीं मिला है। ज्ञानेंद्र (सोनीपत), सागर (सोनीपत), आशु (सोनीपत), साजन (सोनीपत), सुनील (सोनीपत), नवीन (सोनीपत) व मुख्य प्रशिक्षक हरगोबिंद सिंह को ही वीजा मिल सका है। बाकी पांच अन्य पहलवानों के जाने पर संशय है। ग्रीको रोमन के पहलवानों की मंगलवार देर रात डेढ़ बजे की फ्लाइट है। टीम के साथ फ्री स्टाइल के दिनेश व साहिल और कुछ महिला पहलवान भी जाएंगी।
कई उत्कृष्ट पहलवानों ने नाम ले लिया थे वापस
रैंकिंग सीरीज में जाने से बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, रवि कुमार दहिया, दीपक पूनिया, अंशु मलिक, सरिता मोर, अंजू के साथ कई अन्य पहलवानों ने मना कर दिया था। इनमें से ज्यादातर पहलवान दिल्ली में भारतीय कुश्ती संघ के खिलाफ रोष प्रदर्शन में शामिल थे।
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वीजा को आवेदन में देरी बनी परेशानी
बताया जा रहा है कि भारतीय कुश्ती संघ पहलवानों के वीजा के लिए 10-12 दिन पहले ही आवेदन कर देता था। इस बार पहलवानों के आरोप लगाने के बाद से कुश्ती संघ के पदाधिकारियों की गतिविधि रोक दी गई। सूत्र बताते हैं कि भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों ने 27 जनवरी को पहलवानों से पासपोर्ट लेकर वीजा की पहल शुरू की। 28 जनवरी को कई पहलवानों के बायोमेट्रिक लिए गए। जिससे समय कम रह गया। जिसका खामियाजा पहलवानों को भुगतना पड़ रहा है।
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