सोनीपत। एशियाई ओलंपिक क्वालिफायर प्रतियोगिता में विनेश ने शानदार प्रदर्शन कर फिर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पहलवानों में शामिल विनेश फोगाट ने विपरीत परिस्थितियों से उबरकर किर्गिस्तान के बिश्केक में देश को ओलंपिक कोटा दिलाया है। अब वह पेरिस ओलंपिक की तैयारियों में जुटेंगी।
खरखौदा स्थित ससुराल में परिवार सहित रहने वाली विनेश फोगाट दो बार ओलंपिक में जा चुकी हैं। उन्होंने इससे पहले रियो ओलंपिक 2016 और टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी हिस्सा लिया था। अब उन्होंने तीसरी बार देश को ओलंपिक कोटा दिलवाया है। विनेश ने अपने मुकाबले में कोरियाई प्रतिद्वंद्वी मिरान चियोन को महज एक मिनट 39 सेकेंड में हरा दिया। अगले मुकाबले में उन्होंने 67 सेकेंड में कंबोडिया की एसमानांग डिट को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। विनेश देश की स्टार पहलवान हैं। विनेश के ओलंपिक कोटा लेने से परिवार में खुशी की लहर है। परिजनों ने बताया कि वह ओलंपिक के लिए तन-मन से तैयारी में जुटी हैं। विनेश पूरी तरह शाकाहारी है और दाल-बादाम के बाद दूध-दही पर निर्भर रहती हैं।
रियो ओलंपिक में हो गई थीं चोटिल
विनेश ने वर्ष 2016 के रियो ओलंपिक में भी शानदार प्रदर्शन किया था। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में वह चोटिल हो गई थीं, जिससे पदक की उम्मीदों का बड़ा झटका लगा था। हालांकि उन्होंने सर्जरी के 5 महीने बाद 2017 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर दमदार वापसी की थी। इसके साथ साल 2018 में बिश्केक में भी उन्होंने 50 किलोग्राम वर्ग में रजत मेडल जीता था। विनेश फोगाट ने वर्ष 2018 में गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 50 किलोग्राम भार वर्ग में सोना जीता था। वर्ष 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था। साल 2020 में भी उन्होंने इटली के रोम में आयोजित एक रैंकिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों में सोना जीतकर लगातार तीसरी बार सोना जीता था।