गांव जुआं-1 में पानी निकासी की मांग को लेकर लघु सचिवालय में धरने पर बैठे ग्रामीण। संवाद
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गांव जुआं-1 में 500 एकड़ में भूमि पर भरे पानी का समाधान न होने पर ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी निकासी का समाधान न होने के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं। पानी निकासी की मांग को लेकर वह 11 दिनों से लघु सचिवालय में हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। जिस पर ग्रामीणों ने एकमत होकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
गांव जुआं में दो पंचायतें बनती हैं। इसमें से जुआं-1 के निवर्तमान सरपंच धर्मबीर ने बताया कि गांव में 14 वार्ड हैं। पंचायत चुनाव को लेकर गांव में सरपंच पद के लिए 4 और पंच पद के लिए 23 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। गांव के 500 एकड़ जमीन में गहराई पानी निकासी की समस्या का समाधान न होने पर सभी ग्रामीणों ने एकमत होकर पंचायत चुनाव को बहिष्कार किया है। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि पर सोमवार को सरपंच व पंच पद के सभी 27 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र वापस ले लिए और एकमत होकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों ने सभी नामांकन उठाए हैं या नहीं, इसकी जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
नामांकन वापस लेने वालों का किया स्वागत
लघु सचिवालय में 11 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि गांव की भूमि पर पानी निकासी की समस्या का समाधान नहीं हो रहा। जिस पर पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया गया है। नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन जिन उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए हैं, उन सभी का स्वागत किया गया।
गांव जुआं में दो पंचायतें हैं। जुआं-1 की भूमि पर पानी निकासी की समस्या है, जिसका समाधान करने के लिए प्रशासन 10 पाइप दबाने के लिए तैयार है। दोनों गांवों की सहमति का इंतजार है। ग्रामीणों को पाइप दबाने की सहमति देने की बात कही है, लेकिन अभी तक इस पर सहमति नहीं बन पाई है। चुनाव को लेकर कितने उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिए हैं। इस बारे में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। चुनाव लड़ना या न लड़ना ग्रामीणों की मर्जी है, लेकिन पंचायत चुनाव में शांति भंग नहीं होने देंगे। -ललित सिवाच, उपायुक्त, सोनीपत