सोनीपत। सेक्टर-33 स्थित सुपरमैक्स सोसाइटी में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के आरोप में पकड़े गए आरोपी विकास वर्मा उर्फ विकास मोहम्मद को सेक्टर-27 थाना पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। आरोपी अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के लिए दो कंपनी के 74 सिम का प्रयोग कर रहा था। इसमें एक कंपनी के 25 और दूसरी के 49 सिम शामिल थे। जिस कंपनी के 25 सिम प्रयोग कर रहा था उसके नोडल अधिकारी ने ही मुकदमा दर्ज कराया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता व टेलीकॉम कंपनी की संयुक्त टीम ने छापा मारकर सोमवार को मामले का खुलासा किया था।
निजी टेलीकॉम कंपनी में पंजाब के मोहाली स्थित फेज-7 स्थित कार्यालय के नोडल अधिकारी हुसैन एम जैदी ने सेक्टर-27 थाना पुलिस को बताया था कि उनकी कंपनी के 25 सिम से कुछ संदिग्ध नंबर पर कॉल की जा रही है। यह नंबर पार्श्वनाथ सिटी के पते पर लिए गए हैं। टीम वहां पहुंची तो पता लगा कि सिम लेने वाला विकास वर्मा फिलहाल गांव गढ़ सहजानपुर स्थित घर में हैं। टीम वहां पहुंची तो विकास वर्मा वहां मिल गया। वह मूलरूप से गांव भैंसवाल का रहने वाला है।
पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह वह टीम को साथ लेकर सेक्टर-33 में राठधना क्षेत्र के पास सुपरमैक्स सोसाइटी के फ्लैट नंबर 1007 में लेकर गया। वहां अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था, जिससे मध्य पूर्व के देशों की अंतरराष्ट्रीय कॉल को आरोपी विकास अपने एक्सचेंज में स्थानीय में रूट (रूपांतरित) कर देता था। वह उसे देश के किसी भी क्षेत्र के साथ ही विदेश में भी फॉरवर्ड कर सकता था। ऐसी कॉल सरकार की निगरानी में नहीं आती हैं। वहां दोनों सिम बॉक्स में दो निजी कंपनी के 38 सिम कार्ड प्रयोग किए हुए मिले। वह कॉल को लैपटॉप के माध्यम से इंटरनेट से जोड़ता था। वहां कुल 74 सिम मिले। इसमें शिकायत देने वाली कंपनी के 25 सिम थे। आरोपी पहले भी देशद्रोह के मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर है। आरोपी ने पाकिस्तान की युवती से निकाह कर रखा है। आरोपी प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस से जुड़ा रहा था, जिसके चलते उस पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ था।
शक से बचने को रिहायशी क्षेत्र में चला रहा था अवैध एक्सचेंज
आरोपी सेक्टर-33 स्थित सुपरमैक्स सोसाइटी के रिहायशी क्षेत्र में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था। सोसाइटी के फ्लैट नंबर 1007 में एक्सचेंज चलाने के पीछे बताया जा रहा है कि वह सोचता था कि रिहायशी क्षेत्र में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने से वह पकड़ में नहीं आएगा।
वर्जन
मामले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के साथ ही अन्य एजेंसी जांच कर रही है। यह जांच की जा रही है कि वह रोजाना कितनी अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल को रूट करके स्थानीय में फॉरवर्ड करता था। इस काम के बदले उसे कितने रुपये मिलते थे। आरोपी किन देशों में किसके संपर्क में रहा है।
-अजीत सिंह, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता