सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 स्थित कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर जाम में फंसी कार व भारी वाहन। संवाद
सोनीपत/राई। किसानों की चेतावनी के बाद सील किए गए कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर सर्विस रोड खोलने के बाद हल्की राहत तो मिली है, लेकिन दूसरे दिन भी जाम मुसीबत बना रहा। पूरे दिन यातायात को सामान्य बनाने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। वाहन चालकों की मांग है कि बॉर्डर के फ्लाईओवर को भी खोला जाए। हालांकि पुलिस की नजर 29 फरवरी होने वाली किसानों की सरकार की बैठक पर टिकी है।
किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद पंजाब के किसान 13 फरवरी को अंबाला के शंभू बॉर्डर पर आ डटे थे। वहां से दिल्ली कूच के प्रयास में किसानों का सुरक्षा बलों के साथ टकराव हो गया था, जिसके बाद सोनीपत व दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया था। यही कारण है कि दीवारों को तोडऩे में दिल्ली प्रशासन के पसीने छूट गए थे। सोमवार को दोपहर तक दोनों ओर के सर्विस रोड खोल दिए गए और ट्रैफिक का आवागमन शुरू हो गया, लेकिन अब बड़ी समस्या जाम की बन रही है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी जाम से हालात खराब रहे। फ्लाईओवरों के दोनों ओर सर्विस रोड की लेन ही खोली गई हैं। उसमें भी दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए मात्र एक ही लेन खोली गई है, जिसके कारण पूरा दिन वाहनों को रोक-रोक कर निकाला जा रहा है। फैक्टरी का सामान लेकर भारी वाहन भी सड़क पर उतर रहे हैं। एक लेन खुली होने के कारण भारी वाहनों को रोके जाने की मांग उठ रही है। मंगलवार को भी पुलिस ने किसी तरह वाहनों को निकलवाया और हालात सामान्य करने का प्रयास किया, लेकिन रात तक भी जाम की स्थिति बनी रही।
फ्लाईओवर खोलने पर कल हो सकता है फैसला
सर्विस रोड खुलने से हल्की राहत जरूर मिली है, लेकिन उद्योगों में माल का आवागमन अभी भी सुचारू नहीं हो पाया है। उद्योगपतियों व आसपास के बाशिंदों, दुकानदारों ने दिल्ली पुलिस से मांग की है। जाम की स्थिति को देखते हुए सर्विस रोड को पूरी तरह से खोलने की मांग की है। 29 फरवरी को किसानों के साथ सरकार की होने वाली बैठक पर नजर रहेगी। इस बैठक में किसानों व सरकार के बीच बात बन जाती है तो उसी दिन से कुंडली बॉर्डर के फ्लाईओवरों को खोलने का काम शुरू कर दिया जाएगा।