खरखौदा। गांव रिढाऊ में वेदप्रकाश अपने बेटे करण और पारस संग मिलकर पटाखे की फैक्टरी के लिए सामान लाता था। उसका भाई जयप्रकाश पटाखे बेचने में मदद करता था। हादसे में जान गंवाने वाली महिला के बेटे ने यह आरोप पुलिस के सामने लगाए है। पुलिस ने चारों को नामजद किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी पिता-पुत्र को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। शुरुआती पूछताछ में उत्तर प्रदेश के मेरठ से पटाखे बनाने का सामान लेकर आने का पता लगा है। साथ ही जानकारी जुटाई जाएगी कि पटाखे बनाने का काम कब से किया जा रहा था।
गांव रिढाऊ में शनिवार को घर के अंदर चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी में ब्लास्ट के बाद घर की छत गिर गई थी। साथ ही आग लग गई थी। आग में जलने से गांव रिढाऊ की संतरा के साथ ही मेरठ जिले के गांव मवाना खुर्द की रुखसाना व उनके परिवार के चार वर्षीय बच्चे शिफान की मौत हो गई थी। घटना में शिफान की मां याश्मीन, पिता फरमान के साथ ही उनके परिवार की आशी और रुखसाना की बेटियां शिदरा, असरा व इकरा तथा रिढाऊ की नीलम, रीना व फैक्टरी मालिक की बेटी अंजली झुलस गए थे। मामले में पुलिस ने संतरा के बेटे श्रीभगवान के बयान पर वेदप्रकाश, उसके बेटे करण व पारस तथा भाई जयप्रकाश को नामजद किया है।
बीमार पति को घर छोड़कर बेटियों संग काम करने आई थी रुखसाना
मवाना खुर्द की रुकसाना की भी ब्लास्ट में मौत हो गई। वह अपने बीमार पति इस्लाम को घर पर छोडकऱ तीन बेटियों शिदरा, असरा व इकरा को अपने साथ लेकर काम करने आई थी। हादसे में यह तीनों बेटियां भी झुलसी हैं।
शवों के साथ घायलों को भी ले गए परिजन
हादसे की सूचना पाकर इस्लाम के परिजन पीजीआई, रोहतक पहुंचे। जहां से वह शिदरा, असरा और इकरा के अन्य घायल याश्मीन और उसके पति फरमान को भी अपने साथ मेरठ ले गए और वहां के अस्पताल में भर्ती करवाया है। घायलों के परिजनों ने बताया कि बुरी तरह से झुलसे होने के साथ-साथ सभी घायलों की जगह-जगह से हड्डियां टूटी हुई हैं। वहीं परिजन शिफान व रुखसाना के शव को भी खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से ले गए।
तीनों शवों का खानपुर में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में मेरठ से पटाखे बनाने का सामान लेकर आने बात सामने आई हैं। सोमवार को आरोपियों को वहां लेकर जाया जाएगा।
-अंकित कुमार, थाना प्रभारी, खरखौदा