एसीपी राहुल देव। डीसीपी वीरेंद्र सिंह।
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स्वतंत्रता दिवस पर सोनीपत के दो पुलिस अधिकारी सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से नवाजे जाएंगे। इसके लिए चुने गए एसीपी राहुल देव जहां प्रदेश के तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं, वहीं डीसीपी वीरेंद्र सिंह ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सदैव बेहतर कार्य करने के साथ ही सोनीपत में डीसीपी मुख्यालय की जिम्मेदारी भी बेहतर निभा रहे हैं।
सोनीपत, झज्जर व एसटीएफ में डीएसपी रहते किए उत्कृष्ट कार्य
सोनीपत के एसीपी (अपराध) राहुल देव उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सोनीपत में डीएसपी रहते पांच लाख के इनामी अजय उर्फ कन्नू करेवड़ी का पंजाब में एनकाउंटर किया था। वहीं रवींद्र पुगथला एनकाउंटर भी उनके नेतृत्व में ही किया गया था। इसके साथ ही नोएडा में उन्होंने एसटीएफ में डीएसपी रहते ढाई लाख के इनामी बलराज भाटी के एनकाउंटर में अहम भूमिका निभाई थी।
इसके साथ ही उन्होंने झज्जर में डीएसपी रहते हुए एक बच्ची से दुष्कर्म के मामले में महज छह दिन में चालान पेश कर चार माह में गवाही पूरी कराकर दोषी को फांसी की सजा दिलाई थी। इसके साथ ही सोनीपत के बहुचर्चित कैंसर बीमा घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसमें धोखाधड़ी करने वालों के साथ पुलिसकर्मी, चिकित्सक व अन्य की गिरफ्तारी हुई थी।
डीसीपी वीरेंद्र सिंह को मिलेगा पुलिस पदक
सोनीपत में डीसीपी मुख्यालय व ट्रैफिक वीरेंद्र सिंह को भी सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक से नवाजा जाएगा। वीरेंद्र सिंह ने डीसीपी मुख्यालय की जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभाई है। इसके साथ वह पहले गुरुग्राम में भी डीसीपी ट्रैफिक रह चुके है। वहां भी उन्होंने उत्कृष्ट कार्य किए थे।