सोनीपत। जिले की आबादी के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्रों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ा गया है। गांव जुआं स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को हटाकर अलग-अलग सीएचसी से जोड़ दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक के मुताबिक सीएचसी के अंतर्गत सवा लाख आबादी होनी जरूरी है। जबकि वर्तमान में सीएचसी जुआं में 2.39 लाख आबादी है। इसके चलते काम का लोड ज्यादा बढ़ रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए सिविल सर्जन ने आबादी के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव किया है। वर्तमान में सीएचसी जुआं में 239849 आबादी है। यह आबादी भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक के मुताबिक बहुत ज्यादा है। सीएचसी पुरखास की आबादी 81679 और फिरोजपुर बांगर सीएचसी की आबादी 68647 है। ऐसे में सीएचसी जुआं से पीएचसी माहरा व पीएचसी भठगांव को हटाया गया है। पीएचसी माहरा को सीएचसी पुरखास और पीएचसी भठगांव को सीएचसी फिरोजपुर बांगर से जोड़ा गया है।
पीएचसी के उप स्वास्थ्य केंद्राें में भी किया बदलाव
स्थानीय प्रशासन की ओर से पीएचसी माहरा, भटाना जाफराबाद, भठगांव और मुरथल के उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी बदलाव किया गया है। पीएचसी माहरा के अंतर्गत बड़वासनी उप स्वास्थ्य केंद्र को पीएचसी भटाना जाफराबाद में जोड़ा है। पीएचसी भठगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र बैंयापुर, हरसाना कलां व लहराड़ा को पीएचसी भटाना जाफराबाद में जोड़ा है। पीएचसी मुरथल के उप स्वास्थ्य केंद्र बड़ौली, कुमासपुर, दीपालपुर को पीएचसी खेवड़ा में शामिल किया है। पीएचसी खेवड़ा के उप स्वास्थ्य केंद्र राई को सीएचसी बढ़खालसा में जोड़ा है। पीएचसी भटाना जाफराबाद के उप स्वास्थ्य केंद्र रायपुर व रेवली को पीएचसी खेवड़ा में जोड़ा है।
अब आबादी बढ़कर यह होगी
सीएचसी पहले अब
सीएचसी फिरोजपुर बांगर 68647 91131
सीएचसी जुआं 239849 149230
सीएचसी हलालपुर 115761 134535
सीएचसी बढ़खालसा 149453 164867
सीएचसी पुरखास 81679 108969
आबादी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ा गया है। इसको लेकर सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को अवगत कराया गया है। सरकार को भी एक प्रस्ताव भेज दिया गया है। भविष्य में सभी अधिकारी नए रोटेशन के अनुसार कार्य करेंगे।-डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत