सोनीपत। आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल 44 निजी अस्पतालों में पात्र मरीजों का मुफ्त इलाज बंद हो गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने योजना के पात्र मरीजों का 16 मार्च से मुफ्त उपचार करने से मना कर दिया था। आयुष्मान भारत योजना व प्रदेश सकरार की चिरायु योजना के पात्र मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल सकेगा।
आईएमए के जिला प्रधान डाॅ. सुशील सरोहा ने कहा कि सरकार ने काफी समय से निजी अस्पतालों को 300 करोड़ रुपये बकाया राशि नहीं दी है। इसकी वजह से निजी अस्पताल के संचालकों ने योजना के पात्र मरीजों को मुफ्त में उपचार देने से मना कर दिया है। जिले में 44 निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना व चिरायु योजना पात्र मरीजों को मुफ्त इलाज मिलता है, जिनके इलाज का सारा खर्च वहन करने की जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार की ओर से इलाज के खर्च का भुगतान न किए जाने से निजी अस्पताल संचालकों में रोष है।
योजना के तहत जिले के 44 अस्पतालों को पैनल पर रखा गया है। सरकार के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में मरीज इलाज ले रहे हैं, लेकिन इसके बदले लंबे समय से सरकार की तरफ से निजी अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा। इससे निजी अस्पताल संचालकों की मुश्किलें बढ़ने के कारण आईएमए के आह्वान पर मरीजों को मुफ्त इलाज देने मना कर दिया। आईएमए के जिला प्रधान डॉ. सुशील सरोहा ने कहा कि भुगतान रुकने के अलावा निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नए मूल्य लागू नहीं होने से भी नाराजगी है। अगर पात्र मरीजों को सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त उपचार कराने में परेशानी होगी, इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।