सोनीपत। आयुष्मान भारत योजना के पैनल पर 37 निजी अस्पतालों में पात्र मरीजों का मुफ्त उपचार करना बंद कर दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर जिला कार्यकारिणी ने योजना के पात्र मरीजों का मंगलवार से मुफ्त उपचार करने से मना कर दिया है। अब आयुष्मान भारत योजना व प्रदेश सरकार की चिरायु योजना के पात्र मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल सकेगा। आईएमए की जिला प्रधान डाॅ. अनुपमा अरोडा ने कहा कि सरकार ने काफी समय से निजी अस्पतालों को 370 करोड़ रुपये बकाया राशि नहीं दी है। इसकी वजह से निजी अस्पताल के संचालकों ने आयुष्मान भारत योजना व चिरायु योजना के पात्र मरीजों को मुफ्त में उपचार देने से मना किया है। सरकार के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में मरीज इलाज तो ले रहे हैं, लेकिन इसके बदले लंबे समय से सरकार की तरफ से निजी अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा। इससे निजी अस्पताल संचालकों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। इसके कारण आईएमए हरियाणा के आह्वान पर मरीजों को मुफ्त इलाज देने मना कर दिया। जिससे योजना के पात्र मरीजों का इलाज नहीं किया। आयुष्मान भारत योजना की नोडल अधिकारी डॉ. अनीता सहारण ने बताया कि आईएमए के सदस्यों ने आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों का मुफ्त उपचार देने से मना किया है। इस संबंध में मुख्यालय अवगत करा दिया गया है।
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