सोनीपत। लंबे समय से बसों की कमी झेल रहे रोडवेज डिपो में तीन नई बसें पहुंचने अधिकारियों व यात्रियों ने राहत की सांस ली है। पांच साल बाद डिपो में पहुंची तीनों नई बसों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली व कटरा रूटों पर चलाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि डिपो के लिए 25 नई बसें मंजूर हैं, इनमें से तीन बसें पहुंच चुकी है। 4-5 बसें जल्द पहुंचने की उम्मीद है। सभी बसें पहुंचने के बाद विभिन्न रूटों पर बनी बसों की कमी को दूर किया जा सकेगा।
रोडवेज डिपो में 197 बसें स्वीकृत हैं। वर्तमान में महज 108 बसों से ही काम चलाया जा रहा है। इनमें रोडवेज डिपो की 65 और किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों की संख्या 43 है। करीब 8-10 बसें खराब रहती हैं। बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नई बसें आने से कुछ हद तक राहत मिल सकेगी। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि एक साल पहले 40 बसों की डिमांड मुख्यालय भेजी थी, जिसमें से डिपो के लिए 25 बसों को ही मंजूरी मिली थी। अक्तूबर 2021 से डिपो में नई बसों के आने का इंतजार कर रहे थे। करीब 10 माह बाद डिपो में नई बसें पहुंची है। नई बसें पहुंचने पर डीईओ कर्मबीर, प्रदेश सचिव रोशन कौशिक, संदीप मलिक, डिपो प्रधान नरेंद्र, कृष्ण मोर, सूरजभान मास्टर सतपाल नागर ने कहा कि नई बसें आने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी।
दिल्ली-कटरा रूट पर दौड़ेंगी नई बसें, होंगी कई खासियतें
अधिकारियों का कहना है कि तीन नई बसों में से एक बस को गोहाना सब डिपो में भेजा जाएगा। यह बस गोहाना से दिल्ली रूट पर चलाई जाएगी। जबकि दो बसें सोनीपत डिपो में रहेंगी। इन बसों को सोनीपत-कटरा रूट पर चलाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए नई बसों में कई बदलाव किए गए हैं। नई बसों की लंबाई अधिक होगी। इनमें सीटों की संख्या 52 से बढ़ाकर 56 की गई है। सभी बसें बीएस-6 मानक की होंगी। नई बसों में चालक सीट के पास मोबाइल चार्जर प्वाइंट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। बस की पिछली सीट पर चालक-परिचालक के आराम करने के लिए ट्रेन की तरह बर्थ बनाई गई है।
साल दर साल घटती गईं बसें
कुछ वर्ष पहले तक सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो में करीब 260 बसें थी, जो साल दर साल कम होती चली गई। वर्तमान समय में सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो में कुल 106 रोडवेज बसें हैं। जबकि यहां 64 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जहां बसें बढ़ाई जानी थी, वहां हर साल बसें कम होती चली गई। नई बसें आने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
इस माह 10 बसें हो जाएंगी कंडम
नियमानुसार रोडवेज बस को 10 साल पूरे होने या 8 लाख किलोमीटर का सफर तय करने के बाद कंडम घोषित कर दिया जाता है। हालांकि 3 साल पहले तक यह समय सीमा 8 साल थी, जिसे बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया था। उस समय रोडवेज बस अड्डे पर 148 बसें 7 लाख किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी। उच्चाधिकारियों ने इन बसों को दो साल ओर चलाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद ही अधिकतर रोडवेज बसें बीच रास्ते में खराब होने लगी। रोडवेज डिपो में शामिल बसों में से 10 बसें इस माह कंडम घोषित कर दी जाएंगी।
जिले के रोडवेज डिपो की स्थिति
सोनीपत बस अड्डे पर स्वीकृत बसें 197
रोडवेज की बसें 65 ( 2 नई आने के बाद 67)
किलोमीटर स्कीम की बसें 43
गोहाना सब डिपो में कुल बसें 62
रोडवेज बसें 41 (1 नई पहुंचने के बाद 42)
किलोमीटर स्कीम के तहत बसें 21
रोडवेज डिपो में चालक 325
रोडवेज डिपो में परिचालक 275
रोडवेज डिपो में कई साल से नई बसें नहीं आई थी। पुरानी बसों के कंडम होने के बाद डिपो में बसों की कमी बनी हुई थी। मुख्यालय को 40 बसों की डिमांड भेजी गई थी। इसमें 25 बसों की स्वीकृति मिली थी। इनमें से तीन नई बसें डिपो में पहुंची है। जल्द ही कुछ ओर बसें भी पहुंचने की उम्मीद है। नई बसों को दिल्ली-कटरा रूट पर चलाया जाएगा। नई बसों के आने के बाद बसों की कमी दूर होगी।
राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सोनीपत