सोनीपत। पहले दोस्ती, फिर प्रेम और विवाह के बाद अब हत्या। गांव बैंयापुर खुर्द निवासी रवि और महमूदपुर की मोनिका की कहानी पूरी तरह फिल्मी है। करीब आठ साल हादसे में घायल होने के बाद रवि अपनी बहन के घर महमूदपुर गया था। वहां पर पड़ोस में रहने वाली मोनिका ने उसकी देखभाल की थी। यहीं से दोनों में पहले दोस्ती हुई, फिर प्रेम हुआ था।
गांव बैंयापुर खुर्द निवासी रवि की बहन की गांव महमूदपुर में शादी हुई है। आठ साल पहले रवि हादसे में घायल हो गया था, उसके कंधे में चोट आई थी। घरवालों ने उसे बहन के पास भेज दिया था। बहन मेहनत कर परिवार का गुजर बसर करती थी। बहन जब काम पर जाती थी तो भाई की देखभाल के लिए पड़ोस में रहने वाली मोनिका को बोल जाती थी। यहीं से दोनों में दोस्ती हुई और नजदीकियां बढ़ी थीं। इसके बाद दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। दोनों आठ साल तक हिसार में रहे। अभी 15 दिन पहले ही लौटकर गांव आए थे। इकलौता बेटा होने के कारण परिवार ने दंपती के साथ दोनों बच्चों को भी आश्रय दे दिया था।
मासूमों से छिना मां का आंचल
प्रेम विवाह के बाद हिसार में रहते मोनिका और रवि के दो बेटे हुए। इनमें बड़ा बेटा पांच साल व छोटा आठ माह का है। मां की हत्या से दोनों के सिर से मां का आंचल छिन गया है। हत्यारोपी पिता है, इसलिए पिता भी बच्चों की देखभाल नहीं कर पाएगा। दोनों मासूमों की लालन-पालन की जिम्मेदारी रवि के 75 साल के बुजुर्ग माता-पिता पर आ गई है।