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सुबह भीषण गर्मी ने सताया, दोपहर बाद बारिश ने भिगोया

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बारिश के बीच सड़क पर गुजरते वाहन। संवाद - फोटो : Sonipat
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कई दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों ने दोपहर को हुई बारिश के बाद राहत की सांस ली है। शनिवार को सुबह धूप खिलने से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा, लेकिन दोपहर को आसमान घने काले बादलों से घिर गया। कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। शहर सहित जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश के बाद शाम तक रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। जिससे लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली, वहीं बिजली की खपत में भी गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 24 घंटे तक बूंदाबांदी जारी रहने का अनुमान है। सोमवार को मौसम साफ रहेगा, उसके बाद फिर बारिश के आसार बन रहे हैं। जुलाई माह के अंत तक मानसून की गतिविधियां जारी रहेंगी।
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जिले में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। उसके बाद से अब तक टुकड़ों में बारिश हुई है। शनिवार को सुबह मौसम पूरी तरह से साफ था और तेज धूप खिली हुई थी। जिससे लोगों को भीषण गर्मी व उमस का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब एक बजे मौसम का मिजाज बदलने लगा था। आसमान काले बादलों से घिर गया था और कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गई। हालांकि कुछ देर बाद ही बारिश थम गई थी, लेकिन रुक-रुककर बूंदाबांदी का सिलसिला शाम तक जारी रहा। जिससे गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की है। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को
दिन का अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के बाद भी उमस अपेक्षाकृत कम नहीं हुई।
प्रदूषण के स्तर मेें आई गिरावट
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 19 जुलाई से फिर बारिश के आसार बन रहे हैं, जो कई दिनों तक जारी रह सकती है। इससे तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच सकता है। शनिवार को बारिश होने से प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आई है। बारिश के बाद जिले का वायु गुणवत्ता स्तर 44 दर्ज किया गया। जबकि जीटी रोड पर मुरथल के पास वायु गुणवत्ता का स्तर 83 बना रहा। वायु गुणवत्ता का यह स्तर सेहत के लिए ठीक माना जाता है।कपास उत्पादक किसानों को जारी की एडवाइजरी
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मौसम में आए परिवर्तन को देखते हुए किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। बारिश के साथ ही धान उत्पादक किसानों ने धान रोपाई का कार्य तेज कर दिया है। वहीं कृषि विभाग ने कपास उत्पादक किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें किसानों का बारिश के बाद कपास की बेहतर ढंग से निराई गुड़ाई करने की बात कही गई है। अगर बिजाई के समय डीएपी डाल दिया है तो बारिश के बाद कपास में एक बैग यूरिया का छिड़काव करें। बिजाई के समय डीएपी नहीं डाला है तो बारिश के बाद डीएपी डाले। देसी कपास में किसी भी प्रकार का खाद ना डालें। कृषि अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि खेत में पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखें।
मौसम में आए परिवर्तन से सोनीपत में दोपहर बाद बारिश हुई है। बारिश का यह सिलसिला रविवार तक जारी रह सकता है। उसके बाद एक दिन मौसम साफ रहेगा। 19 जुलाई से फिर बारिश होने के आसार बने हुए हैं। जुलाई माह के अंत तक मानसून की गतिविधियां जारी रहेंगी।
डॉ चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
सोनीपत में शनिवार सुबह जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई है। जिससे धान उत्पादक किसानों को फायदा होगा। कृषि विभाग की तरफ से कपास उत्पादक किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें खेत में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की सलाह दी गई है।
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डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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