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तीन दिन तक हुई बारिश से शहर की सड़कें हुई खस्ताहाल

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सोनीपत में गोहाना रोड पर गीता भवन के पास टूटी सड़क। संवाद - फोटो : Sonipat
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तीन दिन पहले शुरू हुई बारिश शनिवार रात तक जारी रही। रविवार सुबह कुछ देर बूंदाबांदी होने के बाद दोपहर में बादल छट गए और धूप निकल आई। जिले में शनिवार शाम पांच बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक 31 एमएम बारिश हुई। तीन दिन तक हुई बारिश ने शहर की हालत बिगाड़ दी है। रविवार को बारिश थमने के बाद शहर की सड़कों पर गहरे गड्ढे दिखाई दिए।
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ककरोई चौक, गीता भवन चौक के नजदीक, सेक्टर-14 और 15 रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों की हालत काफी खस्ता हो गई है। डीसी ने नगर निगम के अधिकारियों को तुरंत सड़कों की मरम्मत कराने के आदेश दिए। साथ ही वह स्वयं भी सोमवार को जलभराव व टूटी सड़कों का निरीक्षण करेंगे।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण वीरवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को देर रात तक होती रही। शनिवार शाम पांच बजे से रविवार सुबह 8 बजे तक औसत 31 एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह एक बार बूंदाबांदी के बाद दोपहर में धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली।
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कहां कितने एमएम हुई बारिश
सोनीपत ब्लॉक में 34 एमएम, गन्नौर में 33 एमएम, गोहाना में 34 एमएम, खरखौदा में 21 एमएम, खानपुर कलां में 32 एमएम व राई में 34 एमएम बारिश हुई। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम साफ होने के बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज होगी। हालांकि सुबह व शाम को अब ठंड बढ़ने की संभावना है।
ड्रेन ओवरफ्लो होने से बस स्टैंड में घुसा पानी
तीन दिन तक हुई बारिश से सड़कों की हालत खस्ता हो गई है। नगर निगम की सीमा से बाहर निकलते ही ककरोई रोड में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। ड्रेन नंबर 6 रविवार को भी ओवरफ्लो होकर बहती रही। जिसकी वजह से शहर के बस अड्डा परिसर में गंदा पानी घुस गया। यात्रियों और कर्मचारियों को परेशानियां झेलनी पड़ी। शहर के सेक्टर-14 व 15, गीता भवन चौक, गोहाना रोड, बहालगढ़ रोड सहित अन्य मार्गों की भी हालत खस्ता हो गई है।
खरीफ सीजन की फसलों में हुआ नुकसान
बारिश से खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक नुकसान बाजरा व कपास की फसलों को हुआ है। इसके अतिरिक्त जलभराव से धान की अगेती किस्म की फसल को नुकसान हुआ है। मक्के की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। हालांकि किसानों के लिए इस बार रबी सीजन की बिजाई करना आसान हो जाएगा। कृषि विभाग की टीमें जलभराव की स्थिति का जायजा ले रही हैं। बारिश से बाजरे की फसल को 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। कपास से पानी नहीं निकला तो वह पूरी तरह से बर्बाद हो सकती है। जिले में 90 हजार हेक्टेयर में धान की बिजाई की गई है। जिसमें चार हजार हेक्टेयर में अगेती फसल है। पांच हजार हेक्टेयर में बाजरा व 38 सौ हेक्टेयर में कपास की बिजाई की गई है।
पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है। सोमवार के बाद मौसम पूरी तरह से शुष्क हो जाएगा। दो दिन में रिकॉर्ड बारिश हुई है। जिसकी वजह से काफी हद तक मानसून में अब तक हुई कम बारिश की भरपाई हो गई है। इस बार ठंड की शुरुआत जल्दी हो सकती है। -प्रो. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ।
बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत करने के लिए नगर निगम अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन पूरी गंभीरता से कदम उठा रहा है। सोमवार को शहर की सड़कों को लेकर विशेष निरीक्षण किया जाएगा। जल्द सड़कों की मरम्मत का काम पूरा करवा दिया जाएगा। साथ ही सोमवार को सोनीपत, गोहाना व खरखौदा में जलभराव की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा। -ललित सिवाच, जिला उपायुक्त, सोनीपत।
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