संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल फैक्टरी में आग लगने के सात दिन बाद मलबा पूरी तरह से साफ हो पाया है। सोमवार को भी मलबे के नीचे काफी मात्रा में मानव अवशेष मिले, जिसके बाद बड़ी थाना पुलिस ने अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब में भिजवा दिया।
वहीं कुछ मानव अवशेषों को नफीस के परिजन अपने साथ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव खेड़ा हटाना लेकर लौट गए। अवशेषों के घर पहुंचने के बाद शोक जताने वालों का तांता लग गया। हर कोई परिवार के लोगों को ढांढस बंधा रहा था। परिजन के अनुसार मानव अवशेष नफीस के हैं, यही मानकर उन्होंने सोमवार देर शाम अवशेषों को कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया और नफीस की आत्मा की शांति के लिए दुआ की। वहीं पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान पर फैक्टरी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
अशोक तंवर ने संवेदना प्रकट की
आम आदमी पार्टी के कैंपेन कमेटी के चेयरमैन डॉ. अशोक तंवर सोमवार को बड़ी औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने फैक्टरी में पहुंचकर वहां मौजूद नफीस के परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह नफीस के परिवार को आर्थिक मदद दिलवाने व उसके बेटे को प्राइवेट नौकरी दिलवाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाएंगे। उनके साथ आप ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र छिक्कारा, अनिल भारद्वाज, राजेश कालीरमन भी मौजूद रहे।
फैक्टरी संचालक के खिलाफ मुकदमा
एसीपी गोरखपाल ने बताया कि इस मामले में पुलिस को नफीस के बड़े बेटे अमजद की तरफ से शिकायत मिली है। शिकायत में अमजद ने आरोप लगाया है कि फैक्टरी संचालक की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ था। फैक्टरी में लगी आग से बचने के लिए किसी भी तरह का सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं था इससे आग फैल गई।
फैक्टरी में नियमों की अनदेखी की गई। आग लगने के बाद उनके पिता को बाहर नहीं निकलवाया गया। जिस वजह से वह फैक्टरी के अंदर आग में फंस गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने फैक्टरी संचालक नवीन गुप्ता के खिलाफ लापरवाही से हुई मौत की धारा 304ए के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जल्द ही फैक्टरी संचालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।