सोनीपत। नगर निगम की ओर से गृहकर जमा न कराने वाले डिफाल्टरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुरुआत में 200 ऐसे डिफाल्टरों को सीलिंग के नोटिस जारी किए हैं, जिन पर 5 लाख रुपये से ज्यादा का गृहकर बकाया है। बार-बार कहने के बावजूद कई सालों से गृहकर जमा नहीं कराया। निगमायुक्त ने क्षेत्रीय कर अधिकारी को प्रॉपर्टी सील करने के आदेश जारी कर दिए है। 6 नवंबर से प्राॅपर्टी सील करने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
नगर निगम की ओर से चालू वित्त वर्ष में 30 करोड़ रुपये गृहकर वसूल करने का लक्ष्य रखा हुआ है। सात माह में कार्यालय में करीब 10 लाख रुपये जमा हो पाया है। पांच महीने में लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में नगर निगम ने गृहकर जमा ने कराने में बड़े डिफाल्टरों को चिह्नित किया है। पहले चरण में 200 बड़े डिफाल्टरों को सिलिंग का नोटिस भेजा है। अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर बकायेदारों पर मुकदमा दर्ज होगा। उनका वाहन व प्रॉपर्टी नीलाम भी हो सकते हैं। निगम प्रशासन की ओर से आवश्यकता पड़ने पर मालिकों का बैंक खाता भी अटैच करवाया जा सकता है।
निगम क्षेत्र में यह है प्रॉपर्टी
नगर निगम क्षेत्र में कुल 1 लाख 50 हजार 492 प्रॉपर्टी हैं। यह प्रॉपर्टी 11 श्रेणियों में विभाजित कर रखी हैं। जिनके लिए सरकार की ओर से गृहकर दरें अलग-अलग निर्धारित कर रखी हैं। सबसे ज्यादा 75484 रिहायशी प्रॉपर्टी हैं। निगम के क्षेत्र में 43,110 प्लॉट और 10,927 व्यवसायिक भवन हैं। 8,583 भवन ऐसे हैं जिनमें रिहायशी के साथ दुकानें भी हैं। गृहकर वसूलने के लिए नगर निगम आयुक्त विश्राम मीणा ने प्रॉपर्टी शाखा के अधिकारियों को आदेश जारी कर रखे हैं।
लंबे समय से गृहकर जमा न कराने वाले 200 डिफाल्टरों को प्रॉपर्टी सील करने के नोटिस जारी किए गए हैं। यदि छह नवंबर से पहले गृहकर जमा नहीं कराया गया तो प्रॉपर्टी सील करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। -राजेंद्र कुमार, क्षेत्रीय कर अधिकारी, नगर निगम।