सोनीपत। 1.10 करोड़ रुपये बकाया गृहकर जमा न कराने पर नगर निगम की ओर से शनिवार को एटलस फैक्टरी को तीसरी बार सील कर दिया गया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश पर 18 फरवरी को फैक्टरी से सील हटाई थी। स्टैचुरी रिकॉर्ड लेने के लिए एटलस फैक्टरी प्रबंधन ने एनसीएलटी में वर्ष 2021 में अपील दायर की थी। सुनवाई के बाद एनसीएलटी ने फैक्टरी की बंद यूनिट से दो माह के लिए सील हटाने के आदेश दिए थे। उसके बाद तत्कालीन निगमायुक्त मोनिका गुप्ता ने 14 दिन के लिए समय दिया था। फिर फैक्टरी के लिए समय बढ़ाया गया था।
रोहतक रोड पर करीब 25 एकड़ में फैली एटलस फैक्टरी वर्ष 2017 से बंद है। गृह कर जमा न कराने पर 18 फरवरी, 2022 को फैक्टरी को सील कर दिया था। इसके बाद फैक्टरी प्रबंधन ने जरूरी काम का हवाला देकर हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। उस दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर 9 जुलाई, 2021 को निगम ने सील हटा दी थी। उस समय फैक्टरी पर 90 लाख रुपये का गृह कर बकाया था। 26 जुलाई, 2021 को फैक्टरी को दोबारा सील कर दिया गया था। इसके बाद फैक्टरी प्रबंधन ने स्टैचुरी रिकॉर्ड लेने के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) में अपील दायर की थी। एनसीएलटी ने 2 माह के लिए सील हटाने के आदेश दिए थे। उसके बाद तत्कालीन निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने 14 दिन के लिए सील हटवाई। उसके बाद भी फैक्टरी प्रबंधन ने गृह कर जमा नहीं कराया। मोनिका गुप्ता ने फैक्टरी प्रबंधन को मौका दिया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब फैक्टरी प्रबंधन पर 1.10 करोड़ रुपये गृह कर बकाया है। निगमायुक्त के आदेश के बाद शनिवार को क्षेत्रीय कर अधिकारी राजेंद्र चुघ ने अपनी टीम के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए फैक्टरी को सील कर दिया।
गृह कर जमा न कराने वाले डिफाल्टरों को चिह्नित किया है। जरूरत पडने पर बकायेदारों पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बड़े डिफाल्टरों पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
विश्राम कुमार मीणा, आयुक्त, नगर निगम, सोनीपत