गन्नौर (सोनीपत)। राजपुर गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आहुलाना-ढिंडार रोड पर अर्धजली हालत में मिले जिस शव को अपना बेटा अंकित मानकर घरवालों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह किसी ओर का था। क्राइम यूनिट गन्नौर की टीम ने तीन दिन बाद अंकित को जीवित खोज निकाला। वह प्रेम-प्रसंग के चलते लापता हो गया था। उस पर नाबालिग को भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज है।
30 अगस्त को थाना गन्नौर पुलिस ने आहुलाना-ढिंडार रोड पर एक अर्धजला शव बरामद किया था। मृतक के गले व मुंह पर नुकीले हथियार से हमला किया गया था, और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसे पेट्रोल डालकर जलाया गया था। इस वजह से उसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। पुलिस को घटनास्थल से पेट्रोल की खाली बोतल और ब्लेड भी मिला था। इससे संदेह हो रहा था कि युवक की तेजधार हथियार से हत्या करने के बाद उसके शव को पेट्रोल डाल कर जलाया गया है।
घरवालों ने दांत से की थी शव की शिनाख्त
पुलिस शव की शिनाख्त के लिए कई दिनों से लापता युवकों के परिवार से संपर्क कर रही थी। इस बीच पुलिस का संपर्क राजपुर गांव के अंकित के परिवार से हुआ। उन्होंने अंकित के भाई जयबीर व ग्रामीणों को शव की शिनाख्त करवाने के लिए सिविल अस्पताल सोनीपत बुलवाया। पुलिस ने उन्हें शव दिखाया, तो उन्होंने दांत से शव अंकित का होने की पुष्टि की थी। इस पर पुलिस ने खानपुर मेडिकल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया था।
बड़ा सवाल: अंकित जीवित तो शव किसका?
अंकित के जीवित मिलने के बाद सवाल उठ रहे हैं आखिर जिसका अंतिम संस्कार किया गया, वह कौन था? अंकित मानकर जिसका अंतिम संस्कार किया गया, उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। गन्नौर पुलिस अब अर्धजले शव की गुत्थी सुलझाने में फिर से जुट गई है। पुलिस की टीमें शव की शिनाख्त के लिए आस-पास के गांवों में पूछताछ कर रही है।
शव बुरी तरह जलने के कारण उसकी शिनाख्त मुश्किल लग रही थी। परिजनों ने दांत से शव की शिनाख्त अंकित के रूप में की थी। पुलिस शव की डीएनए जांच भी करवा रही थी, ताकि यह पुष्टी हो सके मृतक अंकित ही है, या कोई और। अब अंकित के मिलने के बाद शिनाख्त के दोबारा से प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
-सतेंद्र कुमार, थाना प्रभारी गन्नौर