सोनीपत। श्री देवी चिटाना वाली माता मंदिर समिति की ओर से कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में लगाया गया मेला अष्टमी पर महाआरती के साथ संपन्न किया गया। सुबह मेले के समापन पर रामलीला मैदान से बैंड-बाजों व ढोल-नगाड़ों के साथ रथयात्रा निकाली गई। माता रानी को रथ पर विराजमान कर नगर परिक्रमा के बाद पुराना बाजार स्थित सिद्धपीठ श्री चिटाने वाली माता मंदिर में लाया गया। यहां उन्हें को भवन में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ माता रानी का स्वागत कर पूजा-अर्चना की। इसमें प्रधान महेश गोयल, पंडित अमित शौनक, अजय कुच्छल, अशोक कुमार, तरुण गोयल, कैलाश कुच्छल, दीपक गोयल, प्रदीप कुमार, नरेश गोयल व अनिल कुच्छल मौजूद रहे।
सामूहिक हवन कर लगाया अष्टमी का मेला
सोनीपत। गांव चिटाना स्थित सिद्धपीठ माता मंदिर में समस्त ग्रामीणों की ओर से चल रहे 12 दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के नौवें दिन अष्टमी मेला महोत्सव व सामूहिक हवन का आयोजन किया गया। मेले की शुरुआत वेदी पूजन के साथ की गई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक हवन में आहुति डाली। तत्पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया गया। शाम को माता रानी की महाआरती की गई। प्रधान अनिल कुहाड़, बिजेंद्र लाकड़ा, संतराम भारद्वाज, देवेंद्र लाकड़ा, जितेंद्र सोलंकी, हरबीर, राजेंद्र बल्हारा, नरेंद्र वर्मा, रामफल व देवेंद्र मौजूद रहे। संवाद
महाकाली मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, भंडारा आज
गन्नौर। नवरात्र उत्सव को लेकर क्षेत्र में खूब चहल-पहल है। मंदिरों को फूलों व बिजली की लड़ियों से जगमग किया गया है। नवरात्र के आठवें दिन जीटी रोड गांव बड़ी के पास महाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ी। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां काली की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के महंत मंशा पुरी महाराज ने बताया कि दुर्गा जी के आठवें स्वरूप महागौरी की सच्ची श्रद्धा से पूजा करने पर सुख-शांति की प्राप्ति होती है। 12 अक्तूबर को नवमी पर महाकाली मंदिर में भंडारा लगाया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वह भंडारे व जागरण में भाग लें। संवाद
माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में लगा अष्टमी का मेला
गोहाना। देवीपुरा स्थित माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में अष्टमी का मेला लगाया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर माता रानी से सुख समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। श्रद्धालुओं ने लाइन लगकर माता रानी के दर्शन व पूजा-अर्चना की। मंदिर के प्रबंधक राजमोहन वर्मा ने बताया कि वर्ष 1952 में स्वर्गीय प्रभुदयाल वर्मा बेरी स्थित माता भीमेश्वरी मंदिर से अखंड ज्योत लेकर आए थे। उसके बाद से अब तक मंदिर में अखंड ज्योत जल रही है। मंदिर के सामने लगे मेले में महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की। माता भीमेश्वरी देवी मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।