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Sonipat News: आरोपी की पहचान साबित न होने पर अदालत ने किया बरी

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झज्जर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विनीत कुमार की अदालत ने 4 नवंबर 2017 की सड़क दुर्घटना के मामले में आरोपी तेजवीर को बरी कर दिया। अभियोजन ने उस पर आईपीसी की धारा 279, 337 और 304-ए के तहत मुकदमा चलाया था। शिकायतकर्ता बीना के अनुसार वह पति जगदीश के साथ मोटरसाइकिल से पटौदा से दिल्ली जा रही थीं। कबलाना के पास तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी, जिसमें जगदीश की मौत और बीना घायल हुई थीं। अदालत ने पाया कि बीना के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास थे। यात्रा की दिशा, दुर्घटनास्थल और जगदीश की मृत्यु के स्थान को लेकर उनके बयान अलग-अलग थे। बीना की चोटों का मेडिकल रिकॉर्ड भी पेश नहीं किया गया। प्रारंभिक शिकायत अज्ञात चालक के खिलाफ थी, जबकि तेजवीर को चार दिन बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि उसकी पहचान कैसे हुई और कोई पहचान परेड भी नहीं कराई गई। अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोपी की पहचान और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
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