संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों को पकड़कर अब नंदीशाला में शिफ्ट किया जाएगा। सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गोवंशों की दुर्दशा के मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया है। लगातार प्रकाशित किए जा रहे सड़कों पर गोवंश के मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए निगम आयुक्त ने नगर निगम, नगर परिषद व नगरपालिका के अधिकारियों के साथ बैठक कर गोहाना, गन्नौर व कुंडली क्षेत्र के गोवंशों को पकड़कर खरखौदा नंदीशाला में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
गोवंशों को शिफ्ट करने के लिए अधिकारियों को रेजुलेशन पास कर प्रस्ताव भेजने को कहा है। गोहाना नगर नगरपरिषद की ओर से टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वहीं पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक ने गोशाला आयोग को सभी पंजीकृत गोशालाओं के लिए बजट की दूसरी किस्त जारी करने को पत्र लिखा है।
गन्नौर शहर में ढाई साल से गोवंशों को पकड़ने के लिए नगरपालिका की तरफ से टेंडर नहीं लगाया गया है। खरखौदा शहर में भी टेंडर न होने के कारण 9 माह से गोवंशों को पकड़ने का अभियान रुका पड़ा है। गोहाना में वर्तमान में टेंडर लगाया गया है। जिसके चलते गन्नौर, गोहाना व खरखौदा शहर के लोगों को परेशानी हो रही है। शहर के लोग व सामाजिक कार्यकर्ता गोवंशों को पकड़वाने के लिए अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। गोवंश को रखने के लिए गोशाला भी बनी हुई हैं, लेकिन वहां क्षमता से अधिक गोवंश को रखना संचालकों के लिए मुसीबत बना हुआ है। पशुपालन विभाग के पास जिले में 33 पंजीकृत गोशालाएं हैं। जिनमें से कई गोशालाओं की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। ऐसी गोशालाओं में चारे तक की व्यवस्था सामाजिक कार्यकर्ताओं व आम लोगों के सहयोग से की जाती है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को गोशालाओं में रोकने की व्यवस्था करना मुमकिन नहीं है।
अधिकारियों का दावा- सड़कों पर दो हजार ही गोवंश
नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि शहर की सड़कों पर करीब दो हजार ही बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। इनको पकड़ कर निगम क्षेत्र की दो नंदीशालाओं हरसाना कलां व कुमासपुर में छोड़ा जा रहा है। वहीं खरखौदा नगरपालिका के पास एक नंदीशाला है। खरखौदा के अलावा गोहाना, गन्नौर व कुंडली क्षेत्र के गोवंशों को पकड़कर खरखौदा नंदीशाला में पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अधिकारियों को रेजुलेशन पास करवाना होगा।
साल में दो बार जारी किया जाता है बजट
गोशाला आयोग से पंजीकृत 33 गोशालाओं में बेहतर प्रबंधन के लिए वर्ष में दो बार बजट जारी किया जाता है। जिले की पंजीकृत गोशालाओं में वर्तमान में 45 हजार से ज्यादा गोवंश है। गोवंशों को लेकर गोशाला आयोग ने 1.31 करोड़ रुपये का बजट मई, 2022 में जारी किया था। उसके बाद आयोग की तरफ से दूसरी किस्त अभी तक जारी नहीं की गई है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक ने गो सेवा आयोग को दूसरी किस्त 31 मार्च से पहले जारी करने के लिए पत्र लिखा है।
वर्जन
खरखौदा, गोहाना, गन्नौर, कुंडली क्षेत्र के गोवंशों को पकड़कर खरखौदा नंदीशाला में पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को रेजुलेशन पास कराना होगा। गोहाना में टेंडर लगा दिया गया है। जल्द ही अन्य क्षेत्र में गोवंश पकड़ने का टेंडर लगाया जाएगा।-मोनिका गुप्ता, जिला निगम आयुक्त, सोनीपत
वर्जन
गोवंशों को लेकर गोशाला आयोग की तरफ से वर्ष में दो बार बजट जारी किया जाता है। मई, 2022 में बजट की पहली किस्त के रूप में 1.31 करोड़ रुपये जारी किए थे। दूसरी किस्त जारी करने के लिए गो सेवा आयोग को पत्र लिख दिया गया है। -डॉ. संजय आंतिल, निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सोनीपत
फोटो 01: अपने कार्यालय में गोवंश पकड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देश देती जिला निगम आयुक्त मोनिक