सोनीपत। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा के लिए बेहतर कदम उठाने की घोषणा बजट में की गई है। स्कूलों में विद्यार्थियों को नए सत्र से कौशल शिक्षा पढ़ाई जाएगी। जिससे विद्यार्थियों को काम के प्रति कुशल बनाया जाएगा। सरकारी स्कूलों की ड्यूल डेस्क की आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। शिक्षकों ने सरकार के इस बजट को बेहतर बताया है।
सरकार ने कौशल शिक्षा को स्कूल शिक्षा से समेकित कर शैक्षणिक स्तर 2023-24 से कक्षा छठी से आठवीं तक में भी कौशल शिक्षा देने की घोषणा की है। स्कूलों में कौशल शिक्षा को बढ़ावा के लिए कौशल विशेषज्ञ शिक्षक की भी नियुक्त का भी प्रावधान किया जाए। इसके विद्यार्थी अपने कार्य में कुशल तकनीक हासिल कर सकेंगे।
- दिनेश छिक्कारा, शिक्षक
स्कूल प्रबंधन समितियों के माध्यम से अधिकतर सरकारी स्कूल में ड्यूल डेस्क प्रदान किए गए है। अन्य सरकारी स्कूलों में इस कार्यक्रम का विस्तार करने करने की घोषणा बजट में हुुई है। ड्यूल डेस्क मिलने के बाद स्कूल में किसी विद्यार्थी को जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा।
- उमेद सिंह, शिक्षक
नई शिक्षा नीति लागू करने के बाद सरकार की ओर से योजना को विस्तार किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और आगे बढ़ाने के लिए कौशल शिक्षा भी दी जाएगी। सरकार की ओर से बजट में की गई घोषणा सराहनीय है।
- कृष्ण वत्स, सेवानिवृत्त शिक्षक
स्कूलों में कौशल शिक्षा हासिल करने के बाद विद्यार्थी विदेश में प्लेसमेंट की आवश्यकताओं और कौशल की जरूरतों को पूरा का सकेगा। विदेश में रोजगार पाने के लिए विद्यार्थियों के लिए कौशल शिक्षा बहुत जरूरी है। इससे बेरोजगारी में भी कमी आएगी।
- डॉ. नीलम सांगवान, शिक्षक