फोटो :45: सोनीपत के लघु सचिवालय में रोष जताते पटवारी। संवाद
सोनीपत। पटवारी का अपहरण कर 19 लाख रुपये फिरौती वसूलने के मामले में पुलिस अभी मुख्य आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है। इसे लेकर मंगलवार को पटवारियों ने दूसरे दिन भी राज्य स्तरीय कार्य का बहिष्कार किया। हालांकि बाद में डीसीपी से मुलाकात के बाद बुधवार से काम पर लौटने का निर्णय लिया गया है।
मयूर विहार निवासी पटवारी ओमप्रकाश ने वीरवार को पुलिस को बताया था कि वह सोनीपत की जाजी तहसील में पटवारी हैं। बुधवार सुबह वह मयूर विहार स्थित अपने घर से कार्यालय के लिए निकले थे। रास्ते में खाकी पेंट, पुलिसकर्मियों जैसी बेल्ट व जूते और सफेद कमीज पहने युवक ने इशारा कर उनकी गाड़ी रुकवा ली थी।
लिफ्ट लेने के बाद आरोपी ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी थी और उनकी कार में ही अपहरण कर घुमाते रहे। पीछे दूसरी गाड़ी में आरोपी के अन्य तीन साथी भी आ गए थे और दो करोड़ रुपये का इंतजाम करने का दबाव बनाया था। बाद में वह दबाव बनाकर 19 लाख रुपये लेकर भाग गए थे। उन्होंने पटवारी को गांव बड़वासनी के पास छोड़ दिया था।
मामले में जांच कर रही स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट प्रभारी अजय धनखड़ की टीम ने षड्यंत्रकारी करनाल के जयसिंहपुरा हाल गन्नौर के गांधी नगर निवासी संदीप को गिरफ्तार किया था। उसे चार दिन के रिमांड पर लिया है।
मामले में दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान सन्नी दहिया ने कहा कि पटवारियों की मांग है कि परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए तथा फिरौती की रकम वापस दिलवाई जाए। उन्होंने बताया कि पटवारियों ने मंगलवार डीसीपी से मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस की जांच सही दिशा में जा रही है। जल्द आरोपी पुलिस पकड़ में होंगे। जिसके बाद उन्होंने बुधवार से काम पर लौटने का फैसला लिया है।