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तस्मै श्री गुरुवे नम: ः जीवन का सही मार्ग दिखाकर सच्चाई से रूबरू कराते हैं शिक्षक

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मोनिका गुप्ता, आयुक्त, नगर निगम, सोनीपत। - फोटो : Sonipat
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जीवन को उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करने में गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। प्रारंभिक शिक्षा से उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने तक कई अध्यापक मिलते हैं। जो हमें विषय आधारित ज्ञान प्रदान करते हैं। इन सब में कुछ अध्यापक ऐसे होते हैं, जो हमारे जीवन को नई दिशा व मुकाम देते हैं। गुरु के दिखाए मार्ग पर चलकर कुछ विद्यार्थी अपने लिए अलग मुकाम बना चुके हैं। इनमें जिले के उपायुक्त ललित शर्मा व नगर निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता भी शामिल हैं। दोनों अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक जीवन का सही मार्ग दिखाकर सच्चाई से रूबरू कराते हैं। उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए अपने गुरुओं को नमन किया।
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शिक्षक के बिना जीवन का सार अधूरा : उपायुक्त
मेरा मानना है कि शिक्षक के पास ही वो कला है, जो मिट्टी को सोने में बदल सकता है। शिक्षक के बिना जीवन का सार अधूरा है। अज्ञान के अंधेरे में रहकर व्यक्ति का व्यक्तित्व विकास नहीं हो सकता। हमें शिक्षकों का सदैव आदर करना चाहिए। शिक्षक ही छात्र को जीवन का सही मार्ग दिखाकर सच्चाई से रूबरू कराते हैं। शिक्षक के मार्गदर्शन के बिना जीवन में सफलता संभव नहीं है। तभी तो मां-बाप से ज्यादा दर्जा शिक्षक को दिया गया है। मेरे जीवन में हमारे अंग्रेजी के शिक्षक फतेह सिंह ग्रेवाल की अमिट छाप है। उनके मार्गदर्शन से मैं सदैव आगे ही बढ़ता चला गया। जब मैंने हिसार के जाट स्कूल में शिक्षा ग्रहण की तो मुझे वहां गुरु के रूप में भिवानी के गांव बामला निवासी फतेह सिंह ग्रेवाल का सानिध्य मिला था। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही मैं जीवन में आगे बढ़ सका।
ललित सिवाच, उपायुक्त, सोनीपत
शिक्षकों ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित : आयुक्त
बिना गुरु के ज्ञान संभव नहीं, यह कथन पूर्णत: सत्य है। मुझे प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने तक जितने भी अध्यापक मिले, सभी ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ऐसे में किसी एक अध्यापक के बारे में कुछ कहना उचित नहीं होगा। शिक्षकों के साथ ही मेरे बड़े भाई अनूप गुप्ता, जो ऑनलाइन माध्यम से गणित विषय पढ़ाते हैं, ने हमेशा मार्गदर्शन किया। विषय को समझने व उसे आसान बनाने में हमेशा सहयोग किया। शिक्षकों की बात करूं तो मेरे प्रोफेसर नाना सुरेश नारायण मंगला ने मुझे आईएएस अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्हीं की प्रेरणा व मार्गदर्शन से मैंने इस क्षेत्र को चुना और आज इस मुकाम पर पहुंचकर लोगों की सेवा कर रही हूं। शिक्षक दिवस पर मैं उन सभी गुरुजनों को नमन करती हूं, जिन्होंने जीवन के हर मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन किया। -मोनिका गुप्ता, आयुक्त, नगर निगम, सोनीपत।

ललित सिवाच, उपायुक्त, सोनीपत।- फोटो : Sonipat

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