सोनीपत। टीकाराम कन्या महाविद्यालय प्रबंधन की तरफ से विभिन्न पाठ्यक्रम की फीस बढ़ाने के विरोध में गुस्साई छात्राओं ने बुधवार को मिशन चौक पर पहुंचकर जाम लगा दिया। छात्राओं ने महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले छात्राओं ने टीकाराम कन्या महाविद्यालय के गेट पर बढ़ाई गई फीस वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्राचार्य की तरफ से उचित आश्वासन न मिलने पर छात्राएं जुलूस के रूप में प्रदर्शन करती हुईं मिशन चौक पर पहुंची और जाम लगा दिया। छात्राओं के जाम लगाने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। छात्राएं अपनी मांग पर अडिग रहीं। पुलिस ने महाविद्यालय प्रबंधन से बात करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद छात्राएं जाम खोलने पर राजी हुईं।
टीकाराम कन्या महाविद्यालय प्रबंधन ने बीए, बीकॉम, एमएससी, एमए, एम कॉम सहित अन्य पाठ्यक्रम की फीस में बढ़ोतरी की है। जिससे छात्राओं में रोष है। छात्राओं का कहना है कि महाविद्यालय प्रबंधन ने कई पाठ्यक्रमों में 15 से 81 फीसदी तक फीस बढ़ोतरी की है। जिसे उनका परिवार वहन नहीं कर सकता। छात्राओं ने कहा कि बढ़ाई गई फीस वापस लेने की मांग को लेकर वे महाविद्यालय प्रबंधन से भी मिल चुकी हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। टीकाराम संस्था के अध्यक्ष सुरेंद्र दहिया के निवास पर भी गए थे, वहां आश्वासन मिला था कि अन्य महाविद्यालयों के मुकाबले फीस कम ही रखेंगे। अभी तक बढ़ाई गई फीस वापस नहीं ली गई। जिससे छात्राओं में रोष बना हुआ है। छात्राओं ने छात्र एकता मंच के बैनर तले बुधवार को दोबारा टीकाराम कन्या महाविद्यालय गेट पर फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्राओं का कहना है कि जब तक बढ़ाई गई फीस वापस नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
इंसेट
मिशन चौक पर जाम लगा की नारेबाजी
फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शनी करती हुई छात्राएं मिशन चौक पर पहुंची और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर छात्राएं महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाती रहीं। छात्राओं के जाम लगाने से सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जिससे वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान छात्राओं से बाइक निकाल रहे बाइक सवारों से कहासुनी भी हुई। जाम की सूचना पर मौके पर पहुंची थाना शहर पुलिस ने आश्वासन दिया कि इस विषय में महाविद्यालय प्रबंधन से बात करेंगे। पुलिस की तरफ से दिए आश्वासन के बाद छात्राएं करीब एक घंटे के बाद जाम खोलने पर राजी हुईं।
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बोली छात्राएं
पहले मेरी फीस 15300 रुपये थी, अब उसे बढ़ाकर 26 हजार से ज्यादा कर दिया गया है। गांव से आने जाने का भी खर्च लगता है। परिजन पहले ही फीस मुश्किल से भर पा रहे थे, अब लगभग दो गुना होने के बाद तो फीस भर पाना लगभग नामुमकिन है। पापा ने कहा कि इतनी ज्यादा फीस भर पाना उनके बस की बात नहीं है। कॉलेज ने एक साल बीतने के बाद बढ़ाई है। यूजीसी के नियमानुसार कोर्स के बीच में कोई भी कॉलेज फीस नहीं बढ़ा सकता, उसके बावजूद यहां नियमों का उल्लंघन किया गया है।
अंजलि, एमकॉम, अंतिम वर्ष
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महाविद्यालय प्रबंधन ने इतनी अधिक फीस बढ़ा दी है, जिसे मेरे परिजन वहन नहीं कर सकते। मेरे पिता ऑटो चलाकर हमारा पालन पोषण करते हैं। पहले मेरी फीस 15 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 26 हजार से ज्यादा कर दिया है। 15 हजार रुपये ही मुश्किल से भर पा रही थी। परिवार वाले कह रहे हैं कि इतनी ज्यादा फीस है तो पढ़ने की जरूरत नहीं है, घर बैठ जाओ। ऐसे में साल बर्बाद होने का डर सताने लगा है।- दीपिका, छात्रा
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-यूजीसी के नियमानुसार पाठ्यक्रम के बीच में फीस नहीं बढ़ाई जा सकती। महाविद्यालय प्रबंधन ने सत्र के बीच में फीस दोगुना कर दी है। जिसे भर पाना मुमकिन नहीं है। हमारी मांग है कि जिस फीस पर हमने दाखिला लिया था, वहीं फीस रखी जाए।- कीर्ति पाराशर, एमकॉम, द्वितीय वर्ष
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-महाविद्यालय प्रबंधन की तरफ से पाठ्यक्रम के बीच में 15 से 81 फीसदी तक फीस बढ़ाई गई है, जो नियमों का उल्लंघन है। संस्था अध्यक्ष सुरेंद्र दहिया से मिलकर बढ़ाई गई फीस वापस लेने की मांग की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि बढ़ाई गई फीस वापस लेंगे, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया। छात्राओं को मजबूरन प्रदर्शन व जाम लगाने का रास्ता अपनाना पड़ा। जब तक बढ़ाई गई फीस वापस नहीं ली जाती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।- मोनिका, छात्र एकता मंच
वर्जन
फीस बढ़ोतरी के विरोध में टीकाराम कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने मिशन चौक पर जाम लगा दिया था। जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। छात्राओं को समझाकर जाम खुलवा दिया गया था।- वजीर सिंह रेढू, प्रभारी, थाना शहर, सोनीपत
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वर्जन
कोरोना काल में छात्राओं की सुविधा को देखते हुए फीस में कटौती की गई थी। अब स्थिति सामान्य होने पर दोबारा उतनी ही फीस की गई है, जितनी पहले थी। किसी भी पाठ्यक्रम में फीस नहीं बढ़ाई गई। बल्कि छात्राओं की सुविधा को देखते हुए कुछ पाठ्यक्रम में फीस पहले से भी कम ही रखी गई है। प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं को बैलेंस सीट भी दिखाई गई है। हर साल 5 से 10 फीसदी फीस बढ़ाते तो इससे कहीं अधिक चली गई होती, लेकिन छात्राओं की सुविधा को देखते हुए ऐसा नहीं किया गया। अन्य महाविद्यालयों के मुकाबले कम फीस लेकर छात्राओं को हर सुविधा मुहैया कराते हुए गुणवत्तापरक शिक्षा दे रहे हैं। जरूरतमंद छात्राओं की फीस भी माफ की जाती है। कोई छात्रा फीस वहन करने में असमर्थ है तो वह आकर मिल सकती है, उसे फीस में रियायत दी जाएगी।
डॉ. मोनिका वर्मा, प्राचार्य, टीकाराम कन्या महाविद्यालय, सोनीपत