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Sonipat News: एप से जानेंगे विद्यार्थियों का बौद्धिक स्तर

Mon, 03 Jul 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। राजकीय स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस कड़ी में शिक्षा विभाग ने अब मेंटर एप लॉन्च किया है। जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक स्तर जांचा जाएगा। इसके लिए एबीआरसी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों की करवाई गई गतिविधियों की जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट तैयार कर एप पर अपलोड करेंगे। एप के माध्यम से शिक्षा विभाग पता लगा सकेगा कि विद्यार्थियों को किस प्रकार की दिक्कत आ रही है और उनमें सुधार कैसे किया जा सकता है।
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ग्रीष्म अवकाश के बाद शनिवार से स्कूल खुल गए हैं। ग्रीष्मावकाश के दौरान निपुण हरियाणा के तहत सभी प्राथमिक शिक्षकों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं सांख्यिकी ज्ञान (एफएलएन) शिविर लगाए गए, जिनमें शिक्षकों को खेल-खेल में पढ़ाने की विभिन्न गतिविधियां सिखाई गईं। जिससे राजकीय स्कूलों में शैक्षणिक स्तर में सुधार किया जा सके। शिक्षकों ने एफएलएन शिविर में जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसे कक्षा में लागू करना है। शिक्षक इन नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी निगरानी की जा रही है। इसके लिए एबीआरसी की ड्यूटी लगाई है। यह निगरानी कागजों तक सीमित न हो इसके लिए विभाग ने मेंटर एप लॉन्च किया है। जिसमें विशेषज्ञों की तरफ से विभिन्न विषयों से संबंधित सवाल भी एप पर अपलोड किए जाएंगे।
एबीआरसी को डालनी होगी लोकेशन
प्रत्येक एबीआरसी को प्रतिदिन दो स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। एबीआरसी जिस स्कूल में जाएंगे, उसकी लोकेशन एप पर डालनी होगी। उसके बाद ऑनलाइन माध्यम से ही पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों का बौद्धिक स्तर जांचना होगा। कक्षा में बच्चों से प्रश्न पूछे जाएंगे। उनका नाम भी एप पर ही अपलोड करना होगा। एबीआरसी को सभी गतिविधि और अन्य जांच रिपोर्ट भी एप पर ही अपलोड करनी होगी। अधिकारियों की माने तो अभी एप को अपडेट करने का कार्य किया जा रहा है, जिसे जुलाई के मध्य तक पूरा करने की उम्मीद है। उसके बाद एबीआरसी एप पर ही कार्य करेंगे।
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ऐसे जांचेंगे बौद्धिक स्तर
अधिकारियों का कहना है कि मेंटर एप पर विद्यार्थियों का बौद्धिक स्तर जांचने के लिए जिस स्कूल में जाएंगे, उस स्कूल का नाम व कक्षा दर्ज करते ही विद्यार्थियों की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी। इनमें से पांच विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनसे एप पर प्रदर्शित होने वाले सवाल पूछे जाएंगे। विद्यार्थियों की तरफ से दिए गए सवालों के जवाब भी एप पर ही अपलोड किए जाएंगे। मुख्यालय में विशेषज्ञों की टीम विद्यार्थियों के बताए सवालों के जवाबों का आकलन करेगी। इसके साथ ही शिक्षकों की तरफ से हिंदी, अंग्रेजी व गणित विषय पढ़ाने में तैयार किए गए मॉडल की भी जानकारी जुटाई जाएगी।
ग्रीष्मावकाश के दौरान सोनीपत में 52 बैच बनाकर 2201 पीआरटी को प्रशिक्षण दिया गया है। यह संख्या प्रदेश के सभी जिलों से अधिक है। शिक्षकों ने शिविरों में जो सीखा, उसे कक्षाओं में जाकर करवाना होगा। विभाग ने इसकी निगरानी के लिए मेंटर एप तैयार किया है, जिससे सभी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी। एबीआरसी जिस भी स्कूल में जाएंगे, उन्हें एक दिन पहले एप पर स्कूल का नाम दर्ज करना होगा। स्कूल में पहुंचने के बाद लोकेशन ऑन करनी होगी। इसके बाद ही एप पर कार्य करना होगा।
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मनोज वर्मा, जिला समन्वयक, एफएलएन, सोनीपत
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