फोटो 05- सोनीपत के लघु सचिवालय स्थित सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन अभियान के तहत बैठक करते उपमंड
सोनीपत। लघु सचिवालय स्थित सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन अभियान के तहत रविवार को उपमंडल अधिकारी अमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी अधिकारियों को लगातार फील्ड में निगरानी रखने की हिदायत दी गई है।
अमित कुमार ने सभी कर्मचारी व अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि अगर कोई किसान मौके पर आगजनी की घटना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएं। उन्होंने बताया कि अधिकारी हरसैक से मिले स्थान पर तुरंत जाकर मामले पर नियमानुसार कार्रवाई करें। पंचायत अधिकारी सभी गांवों के सरपंचों को मुनादी करवाने बारे लिखित में आदेश दे। उन्होंने बताया कि फसली अवशेषों को आग लगने से किसान के खेत की जमीन खराब हो रही है। इससे न केवल जमीन में रहने वाले मित्र कीट खत्म हो जाते हैं बल्कि आस-पास के क्षेत्र की हवा में घुलने वाला धुआं व्यक्ति की शारीरिक बीमारियों का कारण भी बनता जा रहा है।
पराली जलाने वालों को नहीं मिलेगा सरकारी योजना का लाभ
अमित कुमार ने बताया कि अगर कोई किसान अपने खेतों में धान अवशेष में आग लगाता है तो उसकी भूमि को पटवारी रिकार्ड में किल्ला नंबर लाल स्याही से चिन्हित किया जाएगा। जिससे कृषि विभाग द्वारा किसान कल्याण के लिए चलाई गई योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। उपमंडल कृषि अधिकारी सोनीपत डॉ. संदीप वर्मा ने बताया कि अभी तक कुल 15 एक्टिव फायर लोकेशन (एएफएल) में से 13 एएफएल गलत मिली है। बैठक के दौरान हिमांशु चाहलिया, अंकित दहिया, कैलाश, सचिन कुमार, राजेश कुमार, विक्रम सिंह, राकेश कुमार, अनिल चहल व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।