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सकारात्मक सोच व तनाव से दूर रहकर हराया कोरोना

रोहतक ब्यूरो Updated Sat, 08 May 2021 12:07 AM IST
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कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और ऐसे में हर कोई तनाव में आया हुआ है। वहीं कोरोना संक्रमित होने के बाद मरीज को तनाव ज्यादा हो जाता है और वह तनाव ही ठीक होने में सबसे बड़ा बाधक बनता है, लेकिन सकारात्मक सोच के साथ तनाव को दूर रखा जाए तो कोरोना को आसानी से हराया जा सकता है।
डीसी श्यामलाल पूनिया ने इस सोच के साथ ही कोरोना को हराया और अस्पताल से आते ही वह कोरोना से बचाव के लिए प्रतिदिन 20 घंटे तक काम कर रहे हैं। डीसी का पूरा परिवार संक्रमित हो गया था, लेकिन उसके बाद भी हिम्मत नहीं हारी और वह कोरोना से लड़ते रहे। आखिर में उनको जीत मिली और वह ठीक होकर घर लौटे। डीसी यह भी सलाह देते हैं कि कोरोना के लक्षण होते ही परिवार से अलग होकर जांच कराएं और दवाइयों के साथ खानपान भी बेहतर रखें।

डीसी की कोरोना रिपोर्ट 14 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी तो उनके बाद परिवार के सभी सदस्यों की जांच हुई। इसमें उनकी पत्नी, बेटी, भाई, भाभी सभी संक्रमित मिले। उन सभी को पहले होम आइसोलेशन में रखा गया और चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार दवाई लेने के साथ ही खानपान को बेहतर रखा, लेकिन कई दिन बाद परेशानी होने पर उनके साथ ही पत्नी को मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में भर्ती होना पड़ा और वहां दो दिन रहने के बाद वे पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती हुए। डीसी ने बताया कि दोनों ही जगह के कोविड वार्ड में वह अन्य मरीजों के साथ रहे और वहां देखा कि कोरोना होने के बाद मरीज तनाव में ज्यादा आ रहे हैं। वह काफी परेशान रहते हैं, जबकि बीमारी में तनाव ही सबसे ज्यादा परेशानी बढ़ा रहा है। डीसी कहते हैं कि वहां मैने खुद की सोच को सकारात्मक रखा और किसी भी तरह से तनाव को हावी नहीं होने दिया। इसके साथ ही पत्नी व कोरोना वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों को तनाव में नहीं रहने की सलाह दी।
हरी सब्जियों व फलों को भोजन में शामिल किया, गरम पानी पीते रहे
इसके साथ ही उन्होंने खानपान बेहतर रखा। उन्होंने हरी सब्जी और फलों का अधिक इस्तेमाल किया। वे लगातार गरम पानी पीते रहे, और भाप भी लेते रहे, जिससे कोरोना को हराने में कामयाब रहे और 26 अप्रैल को डिस्चार्ज होकर घर वापस आ गए।
देर रात दो बजे तक कर रहे काम
डीसी ने उसके दो दिन बाद ही ड्यूटी ज्वाइन की और वह कोरोना से बचाव के लिए अस्पतालों के साथ ही शहर में निरीक्षण के लिए मैदान में उतर गए। इसके साथ ही लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं तो वे रात करीब दो बजे तक जागकर काम कर रहे हैं। उसके बाद सुबह छह बजे उठ जाते हैं और घूमने व व्यायाम करने के साथ ही अधिकारियों से बातचीत करके कोरोना की स्थिति की जानकारी लेकर व्यवस्थाएं बेहतर करने में लग जाते हैं।
कोरोना के लक्षण लगते ही जांच जरूर कराएं, परिजनों से अलग रहें
डीसी श्यामलाल पूनिया कहते हैं कि कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है। अगर किसी को कोरोना के लक्षण लगते हैं तो वह लापरवाही न बरतें और अस्पताल जाकर तुरंत ही जांच कराएं। इसके साथ ही परिवार से अलग रहें, जिससे संक्रमण परिवार के अन्य किसी सदस्य तक नहीं पहुंच सके। अगर उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो तनाव को किसी भी तरह हावी न होने दें। तनावमुक्त रहकर चिकित्सकों की बताई हुई दवाई लेते रहें।
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