फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: जन्म प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत मांगने वाला सांख्यिकी सहायक और लिपिक निलंबित

Tue, 14 Mar 2023 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। गोद ली गई बेटी के जन्म प्रमाणपत्र में माता-पिता का नाम दर्ज करने के लिए रिश्वत मांगने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक ने दो स्वास्थ्य कर्मियों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि सिविल सर्जन कार्यालय की जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा में सांख्यिकी सहायक व लिपिक ने वर्ष 2019 में रिश्वत मांगी थी। मामले में पीड़ित की शिकायत पर राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने छापामार कार्रवाई की थी। आरोपी रिश्वत के रुपये फेंककर भाग गए थे। विजिलेंस रोहतक ने मुकदमा दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी थी।
विज्ञापन

पानीपत के गांव किवाना निवासी बलजीत ने राज्य विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत देकर बताया था कि वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उनके भाई प्रदीप ने उनके जीजा गढ़ी झंझारा निवासी विजय के बेटी को गोद लिया है। 16 सितंबर, 2019 को गोद ली गई बेटी के जन्म प्रमाणपत्र में माता-पिता का नाम बदलवाने के लिए फाइल तैयार करवाकर सिविल सर्जन कार्यालय के जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र कक्ष में जमा करवाई थी। कार्यालय में कई चक्कर लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इस कार्य के लिए लिपिक नरेश ने 4 हजार रुपये और सांख्यिकी सहायक प्रदीप राणा ने 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी और कहा था कि जब तक रुपये नहीं मिलेंगे, फाइल मंजूर नहीं होगी। उन्होंने रिश्वत मांगने से संबंधित उनकी बात अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली थी। इसी शिकायत के आधार पर राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने नागरिक अस्पताल में छापामार कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वह मौके पर रुपये फेंककर भाग गए थे। विजिलेंस टीम ने बलजीत की शिकायत पर रोहतक में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकद्दमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके बाद से मामले की जांच चल रही थी।
इस बीच आरोपी प्रदीप राणा का तबादला गन्नौर सीएचसी में कर दिया था, जबकि लिपिक नरेश का तबादला नागरिक अस्पताल की मलेरिया शाखा में कर दिया गया था। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक के आदेश पर दोनों कर्मियों को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन

बलजीत ने बताया कि एक पुलिस अधिकारी ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही फंसाने की कोशिश की थी। उनके खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया था। अब आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए।
वर्जन
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा में वर्ष 2019 में गोद ली गई बेटी के जन्म प्रमाणपत्र में माता-पिता का नाम बदलवाने की एवज में रिश्वत मांगने का मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया था। जांच के बाद स्वास्थ्य महानिदेशक ने दोनों आरोपी कर्मियों को निलंबित कर दिया है। -डॉ. गीता दहिया, उप सिविल सर्जन, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें