पेपर सॉल्वर गैंग : तीन अन्य आरोपियों को किया गिरफ्तार, कई लैब में है साझेदारी
- रोहतक के गांव आसन का सुशील, मुंडलाना का सतीश और अमित गिरफ्तार
- एसटीएफ ने तीनों को किया गिरफ्तार, अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी पुलिस
- आरोपियों की अपनी लैब के साथ भूमिका का लगाया जाएगा पता
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। पेपर सॉल्वर गैंग के तीन आरोपियों को एसटीएफ सोनीपत ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी रोहतक के गांव आसन का सुशील, सोनीपत के मुंडलाना का सतीश और अमित हैं । अमित गोहाना डाकघर में डाकिया के पद पर है। एसटीएफ तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। आरोपियों की जहां अपनी तीन-चार लैब हैं, वहीं कई लैब में आरोपी साझेदार है।
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि पानीपत में दर्ज पेपर लीक मामले में टीम ने सुशील, सतीश और अमित को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को 6 अक्तूबर, 2021 को पानीपत के सेक्टर-13/17 थाना में पानीपत के सुरक्षा शाखा प्रभारी प्रमोद के बयान पर दर्ज मुकदमे में पकड़ा गया है। जिसमें बाद में करीब 14 पेपर सॉल्व करने का मामला सामने आया था। इस मामले के आरोपी हैकिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेते हैं। यह गिरोह वर्ष 2013 से चल रहा है। इस मामले के सरगना दिल्ली पुलिस के सिपाही रोबिन को पुलिस पहले काबू कर चुकी है। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपी कोचिंग सेंटर संचालकों से मिलकर अभ्यर्थियों का पता लगाते थे। आरोपियों से पूछताछ में पता लगा है कि कोचिंग सेंटर संचालक उन्हें कोचिंग लेने वाले विद्यार्थियों का डाटा देते थे। जिसके बाद वह उनसे संपर्क करते थे। उनसे संपर्क करने के बाद पता लगाया जाता था कि उन्होंने किस नौकरी के लिए फार्म भरा है। उसके बाद पेपर पास कराने के नाम पर उनसे सौदा किया जाता था। नौकरी व वेतन के अनुसार तीन लाख से 10 लाख रुपये में सौदा किया जाता था।
मामले में सुशील, सतीश और अमित को गिरफ्तार किया गया है। तीनों से पूछताछ में सामने आया है कि अमित डाक विभाग में कार्यरत है। वहीं तीनों की करीब चार लैब है और दर्जन भर लैब में इनकी साझेदारी है। तीनों को रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की जाएगी।