सोनीपत। गांव चिडाना के पास झज्जर से चंडीगढ़ जा रही हरियाणा रोडवेज की बस में एक पुलिस कर्मी के पहचान पत्र पर मुफ्त में यात्रा करते पकड़े गए युवक पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने अब उसे काबू कर लिया है। बगैर टिकट पकड़े जाने पर युवक ने खुद को पुलिस कर्मी बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया था। जिस पर फोटो किसी अन्य का मिला था। बाद में वह फरार हो गया था। रोडवेज जीएम ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
रोडवेज महाप्रबंधक राहुल जैन ने पुलिस महानिदेशक पंचकूला को पत्र लिखा था कि रोडवेज चौकिंग स्टाफ ने गांव चिडाना के पास वर्ष 2019 में रोडवेज बस की चैकिंग की थी। बस झज्जर से चंडीगढ़ जा रही थी। बस में निरीक्षक ने एक युवक को बिना टिकट पकड़ा था। उसने खुद को पुलिस कर्मी बताया था। जब उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा तो उसने जो पहचान पत्र दिखाया था वह किसी सिपाही कृष्ण के नाम से जारी किया गया था। उस पर पकड़े गए युवक का फोटो नहीं था। जिस पर चैकिंग स्टाफ ने उसे पकड़ लिया था। उसे जुर्माना देने को कहा तो वह कोई जुर्माना दिए बिना उसके पास से पकड़े गए पहचान पत्र को छोडकऱ भाग गया था। उसने अपनी पहचान अशोक के रूप में दी थी। जिस पर रोडवेज की तरफ से पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा गया था। जिन्होंने जांच कराई तो पता लगा कि सिपाही का पहचान पत्र गुम हो गया था। जिसका प्रयोग अशोक कर रहा था। डीएसपी सिटी की जांच के बाद कृष्ण की संलिप्तता नहीं मिलने पर पुलिस ने 9 मई को राजस्थान के जिला अलवर के गांव कोट कासीम के अशोक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने अब मामले में आरोपी अशोक को गिरफ्तार कर लिया है। अब उससे पूछताछ कर पता लगाया जाएगा कि उसके पास सिपाही कृष्ण का पहचान पत्र किस तरह से पहुंचा है।