स्वादिष्ट पराठों के लिए देश-विदेश में मशहूर मुरथल के ढाबों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नगर निगम की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के निकट संचालित 63 ढाबों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। आरोप है कि ढाबा संचालकों ने ढाबा चलाने के लिए न तो चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) ले रखा है और न ही नक्शे पास करवा रखे हैं।
इतना ही नहीं ग्रीन बेल्ट की जगह पर पार्किंग बनाकर तय नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। नगर निगम ने नोटिस जारी करके 11 जनवरी तक सभी ढाबा संचालकों को दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा गया है। अगर उसके बाद कागजात जमा नहीं कराए तो निगम की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की तरफ से पांच वर्ष पहले भी ढाबा संचालकों को नोटिस जारी किए थे। उस दौरान भी ढाबा मालिक सीएलयू नहीं दिखा पाए। इसलिए ढाबा मालिकों की तरफ से किया गया निर्माण हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350 के तहत अवैध है।
हालांकि नगर निगम की तरफ से उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब दोबारा निगम आयुक्त की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इस नोटिस में मुरथल, बहालगढ़ व राई की सीमा के ढाबा मालिकों को आदेश दिए गए हैं कि वह 11 जनवरी तक सीएलयू एवं निर्माण के लिए ली गई अनुमति से संबंधित दस्तावेज निगम कार्यालय में जमा करा दें, नहीं तो निर्माण को अवैध मानते हुए तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर वर्षों पहले बने ढाबों का स्वरूप काफी बदल गया है।
अब यह ढाबे स्टार रेटिंग वाले होटलों से कम नहीं है। यहां पर वातानुकूलित कमरे हैं जिन्हें किराये पर देने के लिए ढाबों पर बोर्ड लगे हैं। वातानुकूलित कांफ्रेंस पार्टी हॉल हैं। मॉडर्न किचन बनाए जा चुके हैं। उसके बावजूद आज भी ढाबा के नाम से संचालित हो रहे हैं।
पहले ढाबों का यह एरिया डीटीपी के अधिकार क्षेत्र में आता था। तब कई ढाबा मालिकों ने निर्माण कार्य कर लिया, लेकिन सोनीपत जब नगर परिषद से नगर निगम बना तो सीमा का भी विस्तार हो गया। मुरथल के कई ढाबा संचालकों के पास निर्माण की अनुमति से लेकर नक्शा तक नहीं मिला।
इस पर अब नगर निगम की तरफ से 63 ढाबा संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर ढाबों से संबंधित सीएलयू, नक्शे व अन्य औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई, तो ढाबा संचालकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर निगम क्षेत्र के 63 ढाबा संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन ढाबा संचालकों के पास न तो सीएलयू है और न ही नक्शे पास करवा रखें हैं। साथ ही ढाबा संचालकों ने अतिक्रमण भी कर रखा है। नियमों की अवहेलना के चलते उन्हें नोटिस दिया गया है। ऐसे में तय समय में नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो ढाबों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-नवरत्न वत्स, सहायक नगर योजनाकार, नगर निगम