खरखौदा। एक ओर प्रदेश में गत दो दिनों से डॉक्टरों व एनएचएम कर्मियों की हड़ताल जारी है, वहीं खरखौदा सरकारी अस्पताल में 11 दिन पहले से ही डॉक्टरों व स्टाफ का अपनी एसएमओ को लेकर विरोध जारी है। शुक्रवार को हड़ताल के दौरान एसएमओ डॉ. आशा सहरावत ने ड्यूटी ज्वाइन की और मरीजों की जांच की। ऐसे में मरीजों को राहत मिली, लेकिन अस्पताल में चल रहा आपसी विवाद समाप्त नहीं हुआ।
शुक्रवार को खरखौदा में एसएमओ व नर्सिंग अधिकारी के तबादले की मांग पर अड़े चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों का धरना 11वें दिन जारी रहा। धरने की तरफ से एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राई विधायक मोहन लाल बड़ौली से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने उपायुक्त को मामले में जांच करने के आदेश दिए हैं। वहीं 10 दिन से छुट्टी पर चल रही एसएमओ डाॅ. आशा सहरावत ने शुक्रवार को ड्यूटी ज्वाइन कर ली और ओपीडी में मरीजों का उपचार किया। खरखौदा के सरकारी अस्पताल में विरोध जारी है। एसएमओ डाॅ. आशा सहरावत व नर्सिंग अधिकारी राजेश पर आरोप लगाते हुए दूसरे एसएमओ डाॅ. सत्यपाल के नेतृत्व में चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मी धरना दे रहे हैं। इसके चलते अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं। एसएमओ डाॅ. आशा सहरावत ने विरोध पर कहा कि उन्होंने अस्पताल में सुधार लाने का प्रयास किया है। उन्होंने यहां आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की तरफ कदम बढ़ाया। इसे लेकर उन्होंने सभी को अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी के साथ करने का कहा था, इसी बात पर उनका विरोध किया जा रहा है।