संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गांव मलिकपुर में जमीन के झगड़े में भतीजे के हाथों जान गंवाने वाले श्रीओम की मौत के बाद उनके बेटे के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। श्रीओम के बेटे को जन्म देते समय ही उनकी मां उसे छोड़कर चली गई थी। अब ताऊ के बेटे ने उनके पिता को भी उनसे सदा के लिए छीन लिया।
गांव मलिकपुर निवासी श्रीओम उर्फ लल्ला लल्ला पहलवान की शादी मीना के साथ हुई थी। शादी के बाद मीना ने 14 दिसंबर, 2008 को बेटे सिद्धार्थ काे जन्म दिया। बेटे के जन्म पर खुशियों के बजाय परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटे के जन्म देने के दौरान मीना की मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद श्रीओम ने दूसरी शादी नहीं की।
उन्होंने अपने इकलौते बेटे सिद्धार्थ को अपनी बहन के पास छोड़ दिया। अब उनकी बहन ही उनके बेटे का लालन-पालन कर रही है। अब जब सिद्धार्थ कुछ समझदार हुआ तो उन पर फिर से दुख छा गए। अब उनके ही सगे ताऊ के बेटे ने जमीन के टुकड़े के लिए अपने ताऊ का खून बहा दिया।
चाचा पर समालखा मंडी में हमला कर चुका है आरोपी
आरोप है कि रोमी ने अपने चाचा हरिओम पर दो दिन पहले समालखा की मंडी में हमला किया था। रात को उसे जबरन ले जाते हुए रोमी ने उसे धमकी दी थी कि दो दिन पहले तेरी समालखा में पिटाई की थी।
उत्कृष्ट पहलवान रहे हैं श्रीओम उर्फ लल्ला
नागरिक अस्पताल में पहुंचे परिजनों ने बताया कि श्रीओम उर्फ लल्ला युवा अवस्था में अखाड़े के उत्कृष्ट पहलवान थे। उन्होंने कई कुश्तियां जीतकर गांव का मान बढ़ाया था। वह बहुत मेहनती भी थे। पत्नी की मौत के बाद वह घर में अकेले रहकर खेतीबाड़ी के साथ चूल्हा-चौका भी स्वयं ही संभालते थे।