नीलेंद्र, बीसवां मील। श्रीकृष्ण, महलाना। प्रकाश सिंह, जनता कॉलोनी। संतोष जैन, हनुमान कॉलोनी। सुरेश।
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कई दिन से आंखों में दर्द हो रहा है। मैं अस्पताल में आंखों का उपचार कराने आया तो जांच के बाद चिकित्सक ने दवाइयां लिख दीं। अस्पताल की डिस्पेंसरी में दवा लेने गया तो वहां फार्मासिस्ट ने दवा न होने की बात कही। -नीलेंद्र निवासी बीसवां मील
सरकार एक तरफ अस्पताल में ही मरीजों को मुफ्त दवाएं देने का वादा कर रही है, लेकिन अस्पताल में दवाओं की कमी है। डिस्पेंसरी से आंखों की कुछ दवाएं तो मिली, बाकी बाहर से खरीदना पड़ रहा है। सरकार की ओर से दवाओं का कोटा पूरा नहीं किया जा रहा है। -श्रीकृष्ण निवासी महलाना
अस्पताल में कई महीने पहले आंखों का ऑपरेशन कराया था। अब आंख के नीचे सूजन आ गई है। अस्पताल में आंखों की जांच कराने के लिए आया तो चिकित्सक ने जो दवाई लिखी वह नहीं मिल सकी। - प्रकाश सिंह निवासी जनता कॉलोनी
मुझे कई दिन से कमर दर्द है। अस्पताल में चिकित्सक ने ओपीडी पर्ची पर दर्द निवारक की दवाइयां लिख दीं, डिस्पेंसरी में दवा नहीं होने के कारण परेशानी हुई। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को लेकर दवा लेने के लिए अलग से खिड़की खोल रखी है, लेकिन वहां से दवा तक नहीं मिल रही। -संतोष जैन निवासी हनुमान कॉलोनी
अस्पताल में चर्म रोग निवारक की दवा तक नहीं है। सुबह अस्पताल में इलाज कराने के लिए आया। डिस्पेंसरी में चर्म रोग की दवा तक नहीं मिली। जिससे उसे बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा। -सुरेश निवासी शास्त्री कॉलोनी
अस्पताल में दो माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन भी नहीं है। दवाओं की किल्लत को पूरा करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। मरीजों को दूसरे साल्ट की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे परेशानी का सामना न करना पड़े। डिस्पेंसरी में दवाओं के संकट को दूर करने के लिए रोहतक वेयरहाउस से दवाएं ली जाएंगी। - डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन