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सुरक्षा में बाधा: शहर में 69 सीसीटीवी खराब, 26 क्षतिग्रस्त

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सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने व अपराधियों पर शिकंजा कसने को लगाए गए सीसीटीवी ही खराब पड़े हैं। तीसरी आंख का पहरा अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। नगर निगम ने चार साल पहले 8.80 करोड़ रुपये खर्च कर 52 स्थानों पर 195 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे जिनमें से 69 सीसीटीवी कैमरे खराब हैं तो 26 क्षतिग्रस्त हैं। क्षतिग्रस्त कैमरे में से कई तो गायब हो चुके हैं। सीसीटीवी बंद होने के कारण पुलिस को भी अपराधियों को पकड़ने में मदद नहीं मिल पाती। अधिकतर जगहों पर सीसीटीवी के पोल भी टूटे पड़े हैं। निगम की ओर से सीसीटीवी का नियंत्रण कक्ष एसपी कार्यालय में बना रखा है फिलहाल वहां पर लगाई स्क्रीन भी बंद पड़ी है।
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निगम की ओर से वर्ष 2018 में 8.80 करोड़ रुपये खर्च करके शहरी क्षेत्र में 195 सीसीटीवी लगाए गए थे। इन सीसीटीवी कैमरों को 32 किलोमीटर ओएफसी भूमिगत केबल बिछाकर जिला पुलिस मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया था। निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण नियंत्रण कक्ष में लगी बड़ी स्क्रीन बंद पड़ी है। ऐसे में पुलिस कर्मियों की ओर से आपराधिक घटनाओं की निगरानी कंप्यूटर की एलईडी से की जा रही है। वर्तमान में शहर में 100 कैमरे ही चल रहे है। बाकी 95 सीसीटीवी लंबे समय से बंद पड़े हैं।
अकेले मुरथल रोड पर 22 सीसीटीवी बंद
नगर निगम की ओर से शहर में पेयजल व सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सड़कों की खोदाई की गई है। पेयजल व सीवर लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई के दौरान कई स्थानों पर सीसीटीवी के तार कट गए थे जिस वजह से कई स्थानों पर सीसीटीवी क्षतिग्रस्त हो गए थे। उसके बाद से सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े है। मुरथल रोड सीवर लाइन दबाने के कार्य के चलते कई पोल उखड़े गए थे। जिसके कारण अकेले मुरथल रोड पर 22 सीसीटीवी बंद पड़े हैं। इससे आगे मुरथल विश्वविद्यालय के गेट तक सीसीटीवी बंद पड़े है। गांधी चौक पर सड़क खोदाई के समय सीसीटीवी क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके अलावा रोहतक रोड, पुरखास रोड समेत कई मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। सीसीटीवी के संचालन को लेकर शहर के व्यापारी भी नगर निगम के अधिकारियों को मांग कर चुके हैं।
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बीएसएनएल ने नहीं किया था काम पूरा
नगर निगम की ओर से सीसीटीवी कैमरे ठीक करने के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को दिसंबर 2019 में ठेका आवंटित किया था। रखरखाव के अभाव में सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि उस समय बीएसएनएल ने 26 कैमरे उतार लिए थे लेकिन अभी तक निगम अधिकारियों को वापस नहीं दिए है। काम पूरा न करने पर निगम ने बीच में बीएसएनएल ने टेंडर वापस ले लिया था और दूसरी एजेंसी को देखरेख का काम सौंपा दिया था।
शहर में खराब सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराया जा रहा है। जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं है और तार कटने से बंद पड़े हैं वहां नए तार बिछाने व सीसीटीवी लगाने के लिए 1.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही सीसीटीवी के संचालन के लिए 120 बैटरी भी लगाई जाएगी। इसको लेकर टेंडर लगा दिया गया है। टेंडर आवंटित होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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-सौरभ नैन, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम।
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