गन्नौर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 660, 639 व 247 नंबर फैक्टरियों में लगी आग के मामले में एसडीएम डॉ. निर्मल नागर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए फैक्टरियों का निरीक्षण किया। इसमें फैक्टरियां बिल्डिंग प्लान के हिसाब से नहीं, बल्कि टीन शेड से कवर्ड मिली। उन्होंने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र के अधिकारियों की बैठक बुलाई और आगजनी वाली फैक्टरियों में पूरी तरह से कवर्ड टीन शेड को हटाने के सख्त आदेश दिए।
एसडीएम ने अधिकारियों को कहा कि वह सभी फैक्टरियों में अभियान चलाए और बिल्डिंग प्लान के हिसाब से नहीं मिलने पर टीन शेड लगाने वालों के शेड हटवाएं। इससे आगजनी की घटना होने पर जान-माल का नुकसान न हो। निरीक्षण के दौरान पाया कि 639 नंबर आयुर्वेदिक दवा की फैक्टरी का निर्माण नियमानुसार नहीं किया गया था। फैक्टरी का पिछला हिस्सा पूरी तरह से कवर कर रखा था। ऐसे में आगजनी की घटना होने पर काफी नुकसान हुआ। रविवार की रात 660 नंबर रबड़ फैक्टरी में आग लग गई थी। इसके बाद आग ने पीछे लगती 639 नंबर आयुर्वेदिक दवा फैक्टरी को भी चपेट में ले लिया था। दमकल की गाड़ियों ने तीनों कंपनी में लगी आग को काबू पाया था।
पेपकोट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में दोनो तरफ से कवर्ड टीन शेड हटाए
एसडीएम ने एचएसआईआईडीसी के संपदा अधिकारी विनोद कत्याल, एक्सईन जसबीर देशवाल व अन्य को आदेश दिए कि पेपकोट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी पूरी तरह से टीन शैड लगाकर बंद की गई है। जबकि यह नियमों की अवहेलना है। ऐसे में अगर बड़ी आगजनी की होती है तो कोई भी दमकल कर्मी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। आग लगने का खामियाजा आसपास की कंपनी को भी भुगतना पड़ेगा।
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में आगजनी के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फैक्टरियों का निरीक्षण कर नियमों का पालन करवाना सुनिश्चित करें। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में आग के बढ़ते मामलों को देख खुद उद्योगपतियों को अपनी व अपने कर्मचारियों की सुरक्षा व नुकसान के दृष्टिगत नियमों का पालना करना चाहिए ताकि आग जैसी घटनाएं होने पर तुरंत काबू पाया जा सके।
- डॉ. निर्मल नागर, एसडीएम, गन्नौर