सोनीपत। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने एसडीएम के कार्यालय में छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान वहां पर कई अनियमितता मिलीं। कार्यालय के कर्मचारी वाहन पोर्टस सुविधा को पलीता लगा रहे हैं। सोनीपत एसडीएम कार्यालय में बनी 4405 आरसी और लाइसेंस में से महज 821 ही डाक से भेजे गए हैं। जबकि लोगों की सुविधा के लिए उन्हें आरसी और लाइसेंस डाक सेवा से घर बैठे उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसमें दलाल गिरोह के सक्रिय होने का अंदेशा है। साथ ही छापे के दौरान 31 में से 12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं। जिसे लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।
वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के एसआई सुनील कुमार, महाबीर व एएसआई राजेश की टीम सोनीपत एसडीएम कार्यालय में पहुंची। टीम के छापे के दौरान 31 में से 12 कर्मचारी उपस्थित नहीं मिले। टीम ने बताया कि प्रदेश सरकार ने लोगों को घर बैठे बेहतर सुविधा देने के लिए वाहन पोर्टल बनाया है। जिससे लोगों को घर बैठे ही अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (आरसी) और ड्राइविंग लाइसेंस मिल सके। इसे लेकर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को सूचना मिली थी कि इसमें कोताही बरती जा रही है। लोगों को कार्यालय के चक्कर कटाए जा रहे हैं। जिससे वह दलालों के चंगुल में फंसने को मजबूर है। जिस पर टीम को भेजकर जांच कराई।
आरसी और लाइसेंस डाक से भेजने में कोताही
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम की जांच में सामने आया है कि आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस डाक से भेजने में कोताही बरती गई है। सितंबर में बने 1243 ड्राइविंग लाइसेंस में से 350 ही डाक से भेजे गए। जिसमें से 32 वापस आ गए। अन्य लाइसेंस मिले ही नहीं। वीरवार तक 175 फाइल बकाया मिली। वहीं 3162 आरसी में से भी 471 पोस्ट से भेजी गई। 635 आरसी 4 अक्तूबर की प्रिंट की हुई मिली। सितंबर महीने की 2691 आरसी डाक से नहीं भेजी गई। वहीं 2022 की 95 व वर्ष 2023 की 75 आरसी ऐसी मिली जो डाक से भेजी गई, लेकिन वापस आ गई।
डाक से न भेजकर सीधे उपलब्ध कराने का अंदेशा
पोर्टल के माध्यम से लोगों को मिलने वाली सुविधा को उन्हें नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री टीम को अंदेशा है कि वाहनों की आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस को डाक के माध्यम से ना भेजकर लोगों को सीधे उपलब्ध कराने का अंदेशा है। जिससे दलाल गिरोह सक्रिय रहते हैं। भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलने का अंदेशा रहता है।
ऑनलाइन पंजीकरण के कागजात स्वीकार करना बेहतर
सोनीपत में एसडीएम ने 2 अक्तूबर से नई नियमावली शुरू की है। जिसमें वाहन के पंजीकरण से संबंधित कागजात केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाने लगे हैं। इससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। इस नियमावली को अन्य जिलों पर भी लागू कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा जाएगा।
वाहन पोर्टल की सुविधा का लाभ लोगों तक नहीं पहुंचने की शिकायत मिली थी। जिस पर जांच कराई गई। इसमें अनियमितता मिली है। 12 कर्मी भी अनुपस्थित मिले हैं। इस मामले में उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। सोनीपत एसडीएम की तरफ से ऑनलाइन पंजीकरण के कागजात स्वीकार करना बेहतर पहल है। इसे सभी जगह लागू करने के लिए लिखा जाएगा। -अजीत सिंह, डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता।
फोटो :28: सोनीपत के एसडीएम कार्यालय में छापे के दौरान जांच करती मुख्यमंत्री उडऩदस्ता की टीम। सं