सोनीपत। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग ने अभी से पहल शुरू कर दी है। अक्तूबर-नवंबर में फसल अवशेष जलने के मामले को रोकने के लिए अब पंचायतों का सहयोग मांगा है। विभाग ने सभी सरपंचों को पत्र जारी कर फसल अवशेष जलाने की किसी भी तरह की घटना न होने देने का आह्वान किया है। इसके लिए गांव में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को भी इसे लेकर जागरूकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। कृषि विभाग ने गांव स्तर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है।
धान की फसल अब पकने की तरफ अग्रसर है। इसके साथ ही ज्वार, बाजरा व अन्य फसलों की कटाई शुरू हो गई है। धान काटने के बाद पराली जलाने से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में कृषि विभाग ने पंचायतों से सहयोग मांगा है। सरपंचों का आह्वान किया है कि वह अपने गांव में जागरूकता शिविर आयोजित करवाए और किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि जन सहयोग के बिना इसे रोकना संभव नहीं है।
कृषि विभाग ने कर्मियों की लगाई ड्यूटी
कृषि विभाग ने गांवों में कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए कर्मियों की ड्यूटी लगाई है। विभाग के कर्मी दो चरण में गांवों में जागरूकता शिविर लगाएंगे। पहले चरण में 10 से 24 सितंबर व दूसरे चरण में 25 सितंबर से 9 अक्तूबर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान अलग-अलग ब्लॉक में 415 जागरूकता शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक
गांवों के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी फसल अवशेष को जलाने से बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। इससे विद्यार्थी घर जाकर परिजनों को फसलों के अवशेष में आगजनी की घटना न करने के लिए प्रेरित कर सकें।
गांवों में लगाए जाएंगे पोस्टर व बैनर
इसके साथ ही गांवों में फसल अवशेष ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष तौर पर पोस्टर और बैनर भी लगाए जाएंगे। जिसमें फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही अवशेष न जलाने से होने वाले फायदों की जानकारी दी जाएगी।
फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सरपंचों को पत्र लिखकर जन सहयोग मांगा गया है। स्कूलों में भी फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। जिससे वह अपने परिजनों को भी जागरूक कर सकें।
डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत