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Sonipat News: गांव में पराली जलने पर सरपंच होंगे जिम्मेदार

Sat, 04 Nov 2023 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत के लघु सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार व अन्य अधिकारी। स्
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सोनीपत। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीक्यूएएम) के चेयरमैन डॉ. एमएम कुट्टी व हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उपायुक्त व अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पराली व फसल अवशेष जलाने के मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि इस कार्य में ढिलाई सहन नहीं की जाएगी। किसी भी क्षेत्र में पराली या फसल अवशेष जलाने की सूचना मिलती है तो उस क्षेत्र में बनाई गई कमेटी के संबंधित कर्मचारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से सैटेलाइट से निरंतर निगरानी कराई जा रही है। उपायुक्त ने किसानों का आह्वान किया कि वह फसल काटने के बाद बचे अवशेषों को जलाने की बजाय उसे मिट्टी में मिला दें। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं या स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं।
फसल अवशेष जलाने की मामले में सरपंच और नंबरदार होंगे जागरूक
उपायुक्त ने कहा कि फसल अवशेष जलाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि चौकीदार से फसल अवशेष में आगजनी न करने के लिए प्रतिदिन गांवों में मुनादी करवाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस गांव में हरसेक से फसल अवशेष को आग लगाने की जानकारी मिले वहां के सरपंच व नंबरदार को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह शनिवार, रविवार अवकाश के दिनों को भूलकर फील्ड में हर समय तैनात रहें। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी गांव में आगजनी की घटना पाई जाती है तो उस गांव में अगले वर्ष कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए कोई भी वरीयता प्रदान न की जाए।
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30 नवंबर तक लागू रहे धारा 144
उपायुक्त ने कहा कि फसल अवशेष को न जलाने के लिए जिले में धारा-144 लागू हैै। ये आदेश 30 नवंबर तक लागू रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में कई किसान धान की कटाई के बाद बचे अवशेष को जला देते हैं। इससे निकलने वाला धुआं फैल जाता है, जो आमजन के स्वास्थ्य पर असर डालता है। इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा, सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एईई प्रवीन कुमार, एडीओ मनोज कुमार व जेई संदीप कुमार मौजूद रहे।
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