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रोडवेज में ई-टिकटिंग प्रणाली को लागू करने का रास्ता साफ, अब हरी झंडी का इंतजार

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रोडवेज बसों में अब परिचालक जल्द ही ई-टिकटिंग मशीनों से टिकट काटते हुए नजर आएंगे। ई-टिकटिंग मशीन में मिली खामियों को कंपनी ने दूर करने की बात कही है।
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कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि मशीनों को अपडेट कर दिया है, जिससे परिचालकों को टिकट बनाते समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि ई-टिकटिंग प्रणाली को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। अब मुख्यालय के आदेश का इंतजार है। जैसे ही हरी झंडी मिलती है, प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा।
रोडवेज बसों में ई-टिकटिंग प्रणाली लागू करने के लिए सोनीपत सहित कुछ जिलों को चुना गया था, जिसमें ई-टिकटिंग मशीन का ट्रायल शुरू किया गया था। परिचालकों को मशीन चलाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया था। उसके बाद कुछ रूटों पर ट्रायल के तौर पर परिचालक से ई-टिकटिंग मशीन के माध्यम से टिकट काटने के लिए कहा गया। परिचालकों के साथ प्रशिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। ट्रायल में मशीनों में किराये को लेकर अंतर आ रहा था, जिसे ठीक करने के लिए मुख्यालय को लिखा गया था। कंपनी के अधिकारियों ने मशीनों को अपडेट कर खामियों को दूर करने की बात कही है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में जिन जिलों में ट्रायल लिया गया था, वहां यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसे लेकर जल्द बैठक होनी है। जिसमें व्यवस्था लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
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किमी के हिसाब से किराया बना रही थी मशीन
ई-टिकटिंग मशीन के ट्रायल के दौरान परिचालकों के सामने किराये संबंधी समस्या आई थी। खुले पैसों की परेशानी को दूर करने के लिए विभाग ने किराया राउंड फिगर में किया हुआ है। जबकि मशीन में किराया किलोमीटर के हिसाब से आ रहा था। पुरानी व्यवस्था से किराया लेने में खुले पैसे का झंझट बन रहा था। जिस पर परिचालकों ने मशीन में किराया राउंड फिगर में करने की मांग की थी। जिसका समाधान कर दिया गया है।
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ई-टिकटिंग प्रणाली को बेहतर तरीके से लागू करवाने के उद्देश्य से परिचालकों को प्रशिक्षण दिया गया था। मशीन के ट्रायल के दौरान इसमें कुछ खामियां सामने आई थी, जिसको लेकर कंपनी को लिखा गया था। कंपनी ने मशीनों को अपडेट करने व खामियों को दूर करने की बात कही है। मुख्यालय की तरफ से जैसे आदेश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सोनीपत
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