किसानों के दिल्ली कूच को लेकर कुंडली बॉर्डर पर जाम की स्थिति बनी रही। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों ने बसों का रूट डायवर्ट कर दिया। सोनीपत से दिल्ली जाने वाली अधिकतर बसें वाया केएमपी तो कुछ वाया नरेला होते हुए गंतव्य तक पहुंची। रूट डायवर्ट करने से बसें जाम में फंसने से बच गई। रोडवेज अधिकारियों ने कहा कि सामान्य दिनों की तरह सोमवार को भी दिल्ली रूट पर सभी बसों को रवाना किया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) के आह्वान पर सोमवार को दिल्ली में किसानों की महापंचायत बुलाई गई। जिसमें विभिन्न राज्यों से किसान बड़ी संख्या में महापंचायत में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। सोनीपत से भी बड़ी संख्या में किसानों ने दिल्ली कूच किया। जिस कारण कुंडली बॉर्डर पर जाम की स्थिति बन गई। सोमवार सुबह सोनीपत से चंडीगढ़ वाया दिल्ली जाने वाली बसें जाम में फंस गई। किसानों की भीड़ को देखते हुए दोनों बसें वापस लौट आई। जिसके बाद रोडवेज अधिकारियों ने सोनीपत से दिल्ली जाने वाली बसों का रूट डायवर्ट कर दिया। दिल्ली जाने वाली अधिकतर बसों को केएमपी के रास्ते रवाना की गई। वहीं कुछ बसों को नरेला होते हुए दिल्ली भेजा गया।
सोनीपत से जाती है 22 बसें
रोडवेज अधिकारियों की मानें तो सोनीपत से चंडीगढ़ वाया दिल्ली रोजाना 22 बसें जाती हैं। वापसी में भी ये सभी बसें चंडीगढ़ से दिल्ली फिर सोनीपत पहुंचती हैं। इन बसों को मिलाकर सोनीपत से दिल्ली के 77 फेरे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए सोमवार को भी सभी फेरे लगाए गए।
किसानों के दिल्ली कूच के कारण कुंडली बॉर्डर पर जाम की स्थिति बन गई थी। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने व जाम में फंसने से बचाने के उद्देश्य से बसों का रूट डायवर्ट किया गया। दिल्ली जाने वाली बसों को केएमपी के रास्ते रवाना किया गया। रोजाना की तरह सोमवार को भी दिल्ली जाने वाली सभी बसों को भेजा गया। कोई भी फेरा कम नहीं किया गया। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सोनीपत